द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : Reserve Bank of India ने केंद्र सरकार को बड़ा आर्थिक सहारा दिया है। बढ़ती महंगाई के बीच यह फैसला अहम माना जा रहा है।दरअसल, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। Iran और Israel के बीच तनाव का असर बाजार पर दिख रहा है। वहीं United States की भागीदारी के बाद हालात और गंभीर बने हुए हैं। ऐसे में भारत पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा था। हालांकि अब RBI के बड़े फैसले ने केंद्र सरकार को राहत दी है। रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 2.87 लाख करोड़ रुपये का लाभांश मंजूर किया है। यह रकम RBI अपने मुनाफे से सरकार को देता है।
Reserve Bank of India Dividend 2026 पर बड़ा फैसला
RBI ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक जानकारी दी। बैंक ने प्रेस रिलीज जारी कर फैसले की पुष्टि की। दरअसल, यह फैसला RBI के सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 623वीं बैठक में लिया गया। बैठक मुंबई में आयोजित हुई। इसमें RBI गवर्नर Sanjay Malhotra भी शामिल रहे। RBI के मुताबिक, इस साल बैंक की शुद्ध आय में बड़ा इजाफा हुआ है। यही वजह है कि सरकार को रिकॉर्ड लाभांश दिया जा रहा है।
RBI Dividend 2026 पिछले साल से ज्यादा
इस बार सरकार को मिलने वाली रकम पिछले साल से ज्यादा है। RBI ने 2024-25 में 2.69 लाख करोड़ रुपये दिए थे। इसके अलावा, 2023-24 में यह रकम 2.1 लाख करोड़ रुपये रही थी। वहीं 2022-23 में सरकार को 87,416 करोड़ रुपये मिले थे। RBI ने बताया कि 2025-26 में उसकी कुल शुद्ध आय करीब 3.96 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। पिछले साल यह आंकड़ा 3.13 लाख करोड़ रुपये था। दरअसल, विदेशी मुद्रा प्रबंधन और निवेश से RBI की कमाई बढ़ी है। इसके अलावा, ब्याज आय में भी इजाफा दर्ज हुआ है।
क्रूड ऑयल संकट में सरकार को राहत
इस समय भारत के सामने महंगाई बड़ी चुनौती बनी हुई है। वहीं बढ़ती तेल कीमतों ने सरकार की चिंता बढ़ाई थी। हालांकि RBI के इस फैसले से सरकार को अतिरिक्त आर्थिक ताकत मिलेगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे राजकोषीय दबाव कम होगा। इसके अलावा, सरकार विकास योजनाओं और सब्सिडी खर्च को बेहतर तरीके से संभाल सकेगी। वहीं सामाजिक योजनाओं के लिए भी फंड उपलब्ध रहेगा। RBI ने यह भी बताया कि उसकी कुल संपत्ति 20.61 प्रतिशत बढ़ी है। अब बैंक की बैलेंस शीट करीब 92 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई है।
Reserve Bank of India Dividend 2026 का अर्थव्यवस्था पर असर
आर्थिक जानकारों के मुताबिक, यह फैसला मौजूदा परिस्थितियों में बेहद अहम है। दरअसल, वैश्विक बाजार में अस्थिरता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरकार को मिलने वाली यह रकम अर्थव्यवस्था संभालने में मदद करेगी। वहीं निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को भी गति मिल सकती है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि तेल कीमतों पर सरकार की नजर बनी रहेगी। क्योंकि लंबे समय तक महंगा क्रूड ऑयल अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा सकता है। फिलहाल RBI का यह रिकॉर्ड लाभांश केंद्र सरकार के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

