द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : दिल्ली के जंतर-मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के पक्षधर Sonam Wangchuk का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 19वें दिन भी जारी है। लंबे समय से चल रहे इस अनशन के बीच उनकी सेहत को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार उनका वजन नौ किलोग्राम से अधिक घट चुका है और लंबे समय तक भोजन नहीं लेने के कारण शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर भी असर पड़ने की आशंका है। इस बीच मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह सोनम वांगचुक की मांगों पर गंभीरता से विचार करे और संवाद के जरिए समाधान निकालने का प्रयास करे। वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने भी प्रशासन को निर्देश दिया है कि वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर प्रतिदिन निगरानी रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। वांगचुक का आंदोलन लगातार राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं प्राप्त कर रहा है। कई सामाजिक कार्यकर्ता, कलाकार और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी सरकार से बातचीत शुरू करने की मांग कर चुके हैं।
ओवैसी की सरकार से अपील, हाईकोर्ट ने Sonam Wangchuk की स्वास्थ्य सुरक्षा को बताया प्राथमिकता
असदुद्दीन ओवैसी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस विषय पर सकारात्मक पहल करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार को सोनम वांगचुक द्वारा उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। साथ ही उन्होंने वांगचुक के बेहतर स्वास्थ्य की भी कामना की। उधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया है कि सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। अदालत ने कहा कि यदि उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ती है तो बिना किसी देरी के आवश्यक चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जाए।
डॉक्टरों के अनुसार लगातार अनशन के कारण शरीर में कमजोरी बढ़ रही है और यदि स्थिति लंबी चली तो इसका असर महत्वपूर्ण अंगों पर भी पड़ सकता है। इसी वजह से चिकित्सकों ने उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई है।
अनशन जारी रखने पर अड़े Sonam Wangchuk, समर्थन में आगे आए कई सामाजिक और राजनीतिक चेहरे
स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच सोनम वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि वे फिलहाल अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिलती, तब तक आंदोलन समाप्त करना उचित संदेश नहीं होगा।
वीडियो संदेश में उन्होंने बताया कि अब तक कराई गई चिकित्सीय जांचों में तत्काल किसी गंभीर खतरे के संकेत नहीं मिले हैं। उनके अनुसार ईसीजी सहित अन्य मेडिकल परीक्षण सामान्य पाए गए हैं और उनकी स्थिति ऐसी नहीं है कि तत्काल जीवन को खतरा हो। उन्होंने यह भी कहा कि वह अभी कुछ और समय तक अपना आंदोलन जारी रखने की स्थिति में हैं। वांगचुक ने लोगों से आगामी 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की भी अपील की। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना ही इस आंदोलन का उद्देश्य है।
इस बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने जंतर-मंतर जाकर सोनम वांगचुक से मुलाकात करने की घोषणा की है। वहीं, संगीतकार विशाल ददलानी, अभिनेता सयाजी शिंदे, अभिनेता अतुल कुलकर्णी और लेखिका शोभा डे सहित कई सार्वजनिक हस्तियों ने भी सरकार से अपील की है कि वह वांगचुक से संवाद शुरू करे और उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए सकारात्मक पहल करे। सोनम वांगचुक का आंदोलन अब केवल एक व्यक्ति का विरोध प्रदर्शन नहीं रह गया है, बल्कि यह सरकार, विपक्ष और नागरिक समाज के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और संभावित बातचीत इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय कर सकती हैं।



