द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : West Bengal Victory 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे पार्टी और जनता दोनों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। कैबिनेट बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि यह जीत लंबे समय से प्रतीक्षित थी और यह केवल राजनीतिक सफलता नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और बदलाव की इच्छा का परिणाम है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर सभी मंत्रियों, नेताओं और कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए इसे सामूहिक प्रयासों की जीत बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने स्पष्ट रूप से बदलाव के पक्ष में मतदान किया है और इस जनादेश का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। उन्होंने अपने सहयोगियों को यह भी याद दिलाया कि सत्ता केवल अधिकार नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी भी लेकर आती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब सभी को मिलकर राज्य के विकास, सुशासन और समावेशी प्रगति के लिए काम करना चाहिए।
‘भयमुक्त बंगाल’ से ‘विकासयुक्त भविष्य’ तक का संदेश
चुनाव परिणाम आने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “आज से बंगाल भयमुक्त हुआ है” और अब राज्य में बदलाव का दौर शुरू हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समय बदले की राजनीति का नहीं, बल्कि विकास और स्थिरता का है।
प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे हिंसा और टकराव की राजनीति से ऊपर उठकर राज्य के भविष्य पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दशकों में पश्चिम बंगाल चुनाव हिंसा और भय के लिए जाने जाते रहे हैं, लेकिन इस बार अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण मतदान हुआ, जो लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है।
लोकतांत्रिक मूल्यों और महिला सशक्तिकरण पर जोर
अपने विस्तृत संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने लोकतंत्र की मजबूती पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि चुनावी जीत के बाद बदले की भावना को त्यागकर सुशासन और विकास को प्राथमिकता देना ही लोकतंत्र की असली पहचान है।
इसके साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और अन्य पर निशाना साधते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन (संशोधन) विधेयक का विरोध करने की उन्हें राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ी है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि महिलाओं के मुद्दों को नजरअंदाज करने वाले दलों को भविष्य में भी जनता के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के बाद प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश स्पष्ट करता है कि केंद्र सरकार राज्य में विकास, सुशासन और स्थिरता पर फोकस करने जा रही है। यह जीत न केवल राजनीतिक बदलाव का संकेत है, बल्कि राज्य के लिए एक नए दौर की शुरुआत भी मानी जा रही है।

