द लोकतंत्र/ पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच महागठबंधन (INDIA गठबंधन) में सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान के बीच अब दरभंगा जिले की जाले विधानसभा सीट से बड़ी राजनीतिक हलचल सामने आई है। लंबे समय से चल रहे विवाद के बाद आखिरकार यह तय हो गया है कि आरजेडी (RJD) नेता ऋषि मिश्रा अब कांग्रेस (Congress) के टिकट पर जाले सीट से चुनाव लड़ेंगे। शुक्रवार को ऋषि मिश्रा ने औपचारिक रूप से कांग्रेस के सिंबल पर नामांकन दाखिल कर दिया।
जाले सीट कांग्रेस के खाते में थी, नौशाद को उम्मीदवार बनाया गया था
देर रात तक चली बैठकों के बाद कांग्रेस ने दरभंगा की जाले विधानसभा सीट से अपने युवा नेता मोहम्मद नौशाद का नाम लगभग तय कर लिया था, हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी। नौशाद वही नेता हैं जो राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के चलते सुर्खियों में आए थे। इस बयान को लेकर न केवल राजनीतिक तूफान खड़ा हुआ, बल्कि पुलिस जांच भी शुरू हुई थी। भाजपा ने इस घटना को कांग्रेस और महागठबंधन (INDIA गठबंधन) दोनों के खिलाफ तेज सियासी हथियार के रूप में इस्तेमाल किया।
जैसे ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को नौशाद के नाम की जानकारी हुई, कांग्रेस के भीतर असंतोष और विरोध के स्वर उठने लगे। कई वरिष्ठ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से कहा कि इतना विवादित चेहरा टिकट देना पार्टी के लिए आत्मघाती कदम साबित हो सकता है। बढ़ते दबाव और विवाद के चलते कांग्रेस हाईकमान ने नौशाद का नाम वापस ले लिया और नई रणनीति पर सहमति बनी।
आखिरकार यह तय हुआ कि जाले सीट कांग्रेस के खाते में रहेगी, लेकिन उम्मीदवार आरजेडी (RJD) का होगा। इस समझौते से न सिर्फ तेजस्वी यादव की नाराजगी दूर हुई, बल्कि महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर चल रहा विवाद भी सुलझ गया। इस प्रकार, कांग्रेस और आरजेडी ने मिलकर एक संतुलित और व्यावहारिक निर्णय लेते हुए गठबंधन की एकजुटता को बचाए रखा।
जाले सीट कांग्रेस के खाते में रहेगी, लेकिन उम्मीदवार आरजेडी (RJD) का
वहीं आरजेडी की ओर से ऋषि मिश्रा को भी प्रत्याशी बनाए जाने की मांग लगातार उठ रही थी। इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच कई दौर की बातचीत हुई और अंततः महागठबंधन के शीर्ष नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद समझौता हुआ कि ऋषि मिश्रा कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। राजनीतिक विश्लेषक इसे डैमेज कंट्रोल की रणनीति बता रहे हैं ताकि गठबंधन के भीतर चल रहे असंतोष को खत्म किया जा सके।
जाले सीट पर हुई इस सहमति को महागठबंधन की एकता के लिए अहम माना जा रहा है। दरअसल, यह सीट दरभंगा जिले की महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों में से एक है, जहां परंपरागत रूप से आरजेडी का मजबूत जनाधार रहा है, जबकि कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा सक्रिय रहा है। ऐसे में दोनों दलों का यह तालमेल INDIA गठबंधन की रणनीतिक मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।
जाले को उन्नति की पटरी पर ले जाने की तैयारी है
नामांकन दाखिल करने के बाद ऋषि मिश्रा ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से जनता को संबोधित किया और लिखा- आप सब जनता के स्नेह और आशीर्वाद के साथ नामांकन दाखिल कर दिया है। अब जाले को उन्नति की पटरी पर ले जाने की तैयारी है। यह नामांकन सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि जाले की उस जनता का है जो वर्षों से विकास की राह देख रही है। INDIA गठबंधन जाले के हक में लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस समझौते के जरिए RJD और कांग्रेस ने महागठबंधन की एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की है। वहीं, यह कदम उन सीटों के लिए भी मिसाल बन सकता है जहां अब भी टिकट बंटवारे पर विवाद जारी है।

