द लोकतंत्र/मिर्जापुर: भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) से इस्तीफा देकर राजनीति में आने का ऐलान कर चुकीं Divya Mittal के मिर्जापुर पहुंचते ही जिले में सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। नवरात्र के पहले दिन रविवार को पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल का प्रयागराज की सीमा से मिर्जापुर में प्रवेश करते ही समर्थकों ने स्वागत किया। इस दौरान भाजपा नेताओं की मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी रही। दिव्या मित्तल ने मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के बाद कहा कि वह अगले नौ दिनों तक विंध्याचल में रहेंगी और इसी दौरान अपने अगले कदम की रूपरेखा तय करेंगी। उन्होंने साफ किया कि फिलहाल वह किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल नहीं होने जा रही हैं।
मिर्जापुर पहुंचते ही Divya Mittal का स्वागत, भाजपा नेताओं की मौजूदगी से चर्चाएं तेज
पूर्व IAS Divya Mittal के मिर्जापुर पहुंचने की खबर मिलते ही समर्थक प्रयागराज-मिर्जापुर सीमा पर पाली गांव और गैपुरा में जुटने लगे। बड़ी संख्या में महिलाओं ने गुलाब की पंखुड़ियां बरसाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान भाजपा के पूर्व महामंत्री रमेश दुबे भी मौजूद रहे। दिव्या मित्तल ने राजनीति में आने की घोषणा के बाद अपने अगले कदम को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि वह राजनीति को सही दिशा देने के उद्देश्य से आगे बढ़ना चाहती हैं।
स्वागत के दौरान भाजपा नेता रमेश दुबे ने कहा कि अच्छे लोगों का साथ देने में कोई बुराई नहीं है। उनकी इस टिप्पणी के बाद दिव्या मित्तल के संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, भाजपा नेताओं की मौजूदगी को किसी औपचारिक राजनीतिक समर्थन या गठबंधन का संकेत मानने के लिए फिलहाल पर्याप्त जानकारी नहीं है।
9 दिन में नए कदम का ऐलान, चुनाव लड़ने पर सस्पेंस बरकरार
मां विंध्यवासिनी के दर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत में Divya Mittal ने कहा कि उन्होंने राजनीति में आने की घोषणा जरूर की है, लेकिन अभी किसी पार्टी में शामिल नहीं हो रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नवरात्र के दौरान ही अपने अगले कदम को सार्वजनिक करेंगी। दिव्या मित्तल ने कहा कि उन्हें पता है कि राजनीति में आने की घोषणा के बाद लोगों की जिज्ञासा बढ़ गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले जीवन में उठाए जाने वाले नए कदमों की जानकारी जल्द दी जाएगी। उनके इस बयान के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दिव्या मित्तल मिर्जापुर से अपनी राजनीतिक पारी शुरू करेंगी? उन्होंने अभी चुनाव लड़ने या किसी विधानसभा सीट से दावेदारी पेश करने की पुष्टि नहीं की है। ऐसे में उनके अगले ऐलान पर सबकी नजरें टिकी हैं।
डेढ़ घंटे लाइन में लगकर किए मां विंध्यवासिनी के दर्शन
मिर्जापुर की पूर्व जिलाधिकारी Divya Mittal रविवार को विंध्याचल धाम पहुंचीं। यहां उन्होंने मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन किए। खास बात यह रही कि वह गेट नंबर दो से आम श्रद्धालुओं की तरह सामान्य कतार में खड़ी हुईं और करीब डेढ़ घंटे इंतजार करने के बाद गर्भगृह में दर्शन किए। दर्शन के बाद उन्होंने हवनकुंड में आहुति अर्पित की और नौ दिनों के अनुष्ठान का संकल्प लिया। मंदिर के पुरोहित ने उन्हें मां की चुनरी और माला पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद मंदिर की छत पर विशेष अनुष्ठान के लिए भी संकल्प कराया गया। नवरात्र के पहले दिन विंध्यधाम पहुंचकर दिव्या मित्तल ने अपनी आगामी योजनाओं को लेकर संकेत तो दिए, लेकिन राजनीतिक भूमिका को लेकर अभी कोई अंतिम घोषणा नहीं की।
नौ दिनों तक विंध्याचल में रहेंगी, लहुरियादह भी जाएंगी
Divya Mittal ने बताया कि वह नवरात्र के पहले दिन मां के दर्शन करने आई हैं और अगले नौ दिनों तक विंध्याचल में ही निवास करेंगी। इसी अवधि में वह अपने भविष्य की रूपरेखा तय करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह लहुरियादह की दुईजी देवी से मुलाकात करेंगी। उनके मुताबिक, दुईजी देवी की तबीयत इन दिनों खराब है और उन्हें पहले भी उनका आशीर्वाद मिला है। दिव्या मित्तल के मिर्जापुर में बिताए प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान लहुरियादह का मामला चर्चा में रहा था। उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर भी यह मुद्दा प्रमुखता से मौजूद है। ऐसे में इस क्षेत्र से जुड़ी उनकी प्रस्तावित मुलाकात को भी स्थानीय स्तर पर अहम माना जा रहा है।
कौन हैं Divya Mittal ल और मिर्जापुर से क्यों जुड़ रहा है नाम?
Divya Mittal मिर्जापुर की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। जिले में अपने कार्यकाल और स्थानीय मुद्दों को लेकर वह पहले भी चर्चा में रही हैं। अब IAS सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में आने की घोषणा के बाद उनके मिर्जापुर पहुंचने से उनके संभावित राजनीतिक कार्यक्षेत्र को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। नवरात्र के दौरान नौ दिनों तक विंध्याचल में रहने और इसी अवधि में अगले कदम का ऐलान करने की उनकी घोषणा ने इस चर्चा को और बढ़ा दिया है। हालांकि, मिर्जापुर से विधानसभा चुनाव लड़ने, किसी पार्टी में शामिल होने या किसी राजनीतिक संगठन के साथ औपचारिक रूप से जुड़ने को लेकर अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है। अब देखना होगा कि नवरात्र के इन नौ दिनों के बाद दिव्या मित्तल अपनी राजनीतिक पारी को किस दिशा में ले जाती हैं और क्या मिर्जापुर उनकी नई भूमिका का केंद्र बनता है।
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