द लोकतंत्र/रायबरेली: समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को रायबरेली से अपनी PDA Rath Yatra की शुरुआत की। रथ पर सवार अखिलेश यादव कार्यकर्ताओं और समर्थकों का अभिवादन करते हुए आगे बढ़े। इस दौरान बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता उनके साथ नजर आए। रथयात्रा के दौरान कई जगहों पर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और DJ की धुन पर उत्साह जताया। अखिलेश यादव ने रायबरेली के बछरावां स्थित पिपलेश्वर हनुमान मंदिर में पहुंचकर दर्शन किए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उन्हें हनुमान जी की गदा भेंट की, जिसे अखिलेश यादव ने हाथ में लेकर लहराया।
Rath Yatra में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और वाहन
रथ के आसपास बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। पार्टी कार्यकर्ताओं के मुताबिक, यात्रा में करीब 200 वाहन शामिल हैं। भीड़ और वाहनों की वजह से रायबरेली में कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ। इसी दौरान मंत्री दिनेश सिंह का काफिला भी जाम में फंस गया। अखिलेश यादव की Rath Yatra को लेकर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। दोपहर के समय तेज बारिश शुरू होने के बावजूद समर्थक मौके पर डटे रहे। कई कार्यकर्ता बारिश से बचने के लिए पन्नी, फ्लैक्स और अन्य साधनों का इस्तेमाल करते नजर आए।
Rath Yatra ने रोका एंबुलेंस का रास्ता
Rath Yatra के दौरान एक एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए अखिलेश यादव ने अपना रथ रुकवा दिया। एंबुलेंस के निकलने के बाद ही यात्रा आगे बढ़ी। मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी रास्ता खाली कराने में मदद की।
21 किलो की माला से स्वागत
Rath Yatra के दौरान अखिलेश यादव के स्वागत की भी विशेष तैयारियां की गई हैं। जानकारी के मुताबिक, उन्हें दो बुलडोजर की मदद से 21 किलो की माला पहनाई जाएगी। अखिलेश यादव लखनऊ के निगोहां से रायबरेली शहर तक करीब 50 किलोमीटर की यात्रा करेंगे। इसके बाद वह GIC मैदान में जनसभा को संबोधित करेंगे। जनसभा के बाद सपा प्रमुख पार्टी विधायक राहुल लोधी के आवास पर भी जाएंगे। यहां वह समाजवादी छात्रसभा के उन कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे, जिनकी 17 सितंबर को ABVP कार्यकर्ताओं और पुलिस के साथ झड़प हुई थी।
Rath Yatra के जरिए सियासी संदेश
अखिलेश यादव की यह PDA रथयात्रा 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम के तौर पर देखी जा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह पहली बार है जब अखिलेश यादव PDA Rath Yatra के जरिए प्रदेश में व्यापक दौरे की शुरुआत कर रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस रथ को आगे पूरे प्रदेश में ले जाने की योजना है।
PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को पार्टी की राजनीतिक रणनीति में प्रमुखता देने की बात सपा नेतृत्व पहले भी करता रहा है। रथ पर ‘समाजवादी पीडीए यात्रा’ के साथ ‘सामाजिक न्याय का परचम लहराएगा, पीडीए ही परिवर्तन लाएगा’ जैसे नारे लिखे गए हैं। रथ पर डॉ. भीमराव अंबेडकर समेत कई समाज सुधारकों की तस्वीरें भी लगाई गई हैं।
1.5 करोड़ की लागत से तैयार हुआ PDA रथ
अखिलेश यादव की Rath Yatra के लिए करीब 9 साल पुरानी मर्सिडीज बस को मॉडिफाई कर PDA रथ तैयार किया गया है। जानकारी के मुताबिक, इसे तैयार करने में करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। रथ में 8 से 10 लोगों के बैठने के लिए मीटिंग हॉल और पैंट्री बनाई गई है। रथ में हाइड्रोलिक लिफ्ट भी लगाई गई है, जिसकी मदद से अखिलेश यादव यात्रा के दौरान छत पर खड़े होकर लोगों को संबोधित कर सकते हैं।
Rath Yatra से पहले अखिलेश के खिलाफ पोस्टर
अखिलेश यादव की Rath Yatra से पहले रायबरेली में उनके खिलाफ पोस्टर लगाए जाने का मामला भी सामने आया। पोस्टरों में अखिलेश यादव के साथ आजम खान, अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी की तस्वीरें लगाई गई हैं। पोस्टरों पर ‘अखिलेश यादव वापस जाओ’ और ‘अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश’ जैसे नारे लिखे गए हैं। इस तरह रायबरेली में अखिलेश यादव की PDA रथयात्रा के दौरान एक तरफ कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर विरोध से जुड़े पोस्टरों ने भी राजनीतिक चर्चा को तेज कर दिया है।
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