द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : दिल्ली से एक चौंकाने वाला साइबर फ्रॉड (GST फ्रॉड) सामने आया है, जहां ठगों ने दो निर्दोष नागरिकों के पैन और आधार विवरण का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये के फर्जी व्यापारिक लेनदेन दिखाए। दोनों मामलों में ठगों ने मिलकर करीब ₹70 करोड़ का फर्जी कारोबार दिखाकर एक बड़ा GST स्कैम अंजाम दिया है।
शख़्स के साथ साइबर फ्रॉड, GST पर लेन देन
पहला मामला नरेला इलाके का है। यहां एक व्यक्ति ने जब आयकर पोर्टल पर अपना खाता देखा, तो हैरान रह गया। उसके नाम पर वित्त वर्ष 2024-25 में ₹20 करोड़ की फर्जी बिक्री दर्ज थी। जांच में यह भी सामने आया कि मई 2023 से मार्च 2024 के बीच उसके दस्तावेजों के जरिए ₹40 करोड़ के और लेनदेन किए गए थे। शिकायत मिलने पर 22 अक्टूबर को साइबर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
आधार और पैन का इस्तेमाल कर ठगी
दूसरा मामला बख्तावरपुर इलाके का है। यहां 53 वर्षीय व्यक्ति के आधार और पैन का इस्तेमाल कर 14 जनवरी 2024 को उनके नाम से फर्जी GST पंजीकरण कराया गया। इस फर्जी रजिस्ट्रेशन के जरिए ठगों ने ₹12 करोड़ के लेनदेन दिखाए और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत फायदा उठाने की कोशिश की।
पीड़ित का कहना है कि संभवतः ठगों ने उनका मोबाइल नंबर हैक कर ओटीपी इंटरसेप्ट किया होगा, क्योंकि उस दिन कोई मैसेज उनके फोन पर नहीं आया था। धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ, जब पीड़ित ने आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट से परामर्श किया। इसके बाद 18 अक्टूबर को केस दर्ज किया गया।
पुलिस अब यह जांच रही है कि ठगों को पीड़ितों की निजी जानकारी कैसे मिली और उनके डेटा का इतना बड़ा दुरुपयोग किसने किया।

