द लोकतंत्र/ रायपुर : छत्तीसगढ़ के धमतरी में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम ने गुरुवार को ग्रामीण विकास, कृषि सशक्तीकरण और बुनियादी ढांचे के विस्तार के नए अध्याय की शुरुआत कर दी। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर ₹2,225 करोड़ की ग्रामीण सड़क परियोजनाओं के साथ राष्ट्रीय मखाना बोर्ड में छत्तीसगढ़ के सम्मिलन, तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के तहत किसानों को सीधी किस्त हस्तांतरण सहित अनेक योजनाओं का औपचारिक शुभारंभ किया।
यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोयंबटूर से PM-KISAN की 21वीं किस्त जारी करने के साथ जुड़ा था, जिसके तहत छत्तीसगढ़ के 25 लाख किसानों के खातों में ₹500 करोड़ ट्रांसफर किए गए। हजारों किसानों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने धमतरी के इस कार्यक्रम को राज्य स्तर का सबसे बड़ा कृषि आयोजन बना दिया।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत स्वीकृत ₹2,225 करोड़ की सड़क परियोजनाओं का शुभारंभ
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत स्वीकृत ₹2,225 करोड़ की सड़क परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ के लगभग 780 गांवों तक पहली बार पक्की सड़कें पहुँचेंगी और 2,500 किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि मजबूत सड़क नेटवर्क ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधे प्रभावित करता है और कृषि उत्पादों को बाजारों तक पहुँचाने में बड़ा बदलाव लाता है।
कार्यक्रम में बड़ी घोषणा यह भी रही कि राष्ट्रीय मखाना विकास बोर्ड में अब छत्तीसगढ़ को शामिल किया जा रहा है। चौहान ने कहा कि इससे प्रदेश के किसानों को मखाना उत्पादन, प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, अनुच्छेद 370 हटाए जाने, महिला आरक्षण कानून और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे प्रमुख निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व ने भारत की विकास यात्रा को नई गति दी है। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब “अंतिम चरण” में पहुँच चुका है और यह निवेश व विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करेगा।
PM-KISAN की किस्त से छत्तीसगढ़ के 24,70,640 किसानों को सीधा लाभ – सीएम साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में किसानों के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धताओं पर विस्तृत वक्तव्य दिया। उन्होंने बताया कि PM-KISAN की किस्त से छत्तीसगढ़ के 24,70,640 किसानों को सीधा लाभ पहुँचा है। राज्य सरकार ने 2,75,000 नए किसानों को पंजीकृत कर इस योजना के दायरे को और विस्तृत किया है। उन्होंने कहा कि पिछले 22 महीनों में सवा लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों के खातों में भेजी गई है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धान खरीदी में छत्तीसगढ़ आज देश में अग्रणी है। राज्य सरकार ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है और किसानों को 21 क्विंटल प्रति एकड़ बेचने की अनुमति दी गई है। इस वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी छत्तीसगढ़ की कृषि क्षमता और किसानों के विश्वास दोनों को दर्शाती है।
सिंचाई परियोजनाओं को ₹2,800 करोड़ की मंजूरी
सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के दायरे में दलहन, तिलहन और मक्का को शामिल किया गया है। साथ ही बटाई, रेगहा, लीज और डूबान क्षेत्रों के किसानों को भी योजना का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में जैविक कृषि की अपार संभावनाओं को देखते हुए इसे बढ़ावा दिया जा रहा है, विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों में जहां रासायनिक खादों का न्यूनतम उपयोग हुआ है।
उन्होंने कहा कि 2015 से लंबित 115 सिंचाई परियोजनाओं को अब ₹2,800 करोड़ की मंजूरी दी जा चुकी है, जिससे लाखों किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा GST दरों में कटौती से ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों की खरीद में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
कार्यक्रम का समापन किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए हुआ। धमतरी का यह समारोह छत्तीसगढ़ के कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

