द लोकतंत्र/ स्पोर्ट्स न्यूज़ : भारतीय क्रिकेट को एक नया युवा सितारा मिल गया है। महज 15 साल 99 दिन की उम्र में Vaibhav Suryavanshi ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत के लिए डेब्यू करते हुए इतिहास रच दिया। भले ही उनकी पहली पारी केवल 10 गेंदों में 14 रन पर समाप्त हुई, लेकिन इस छोटी सी पारी ने उन्हें रिकॉर्ड बुक में हमेशा के लिए दर्ज करा दिया। वैभव ने अपनी पारी में दो शानदार छक्के लगाए और बेखौफ बल्लेबाजी का परिचय दिया। उन्हें इस मुकाबले में संजू सैमसन की जगह अंतिम एकादश में शामिल किया गया था। उनका विकेट इंग्लैंड के स्पिनर विल जैक्स ने लिया, जबकि विकेट के पीछे जोस बटलर ने स्टंपिंग की।
सबसे खास पल तब आया जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली बार उनका सामना तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर से हुआ। युवा बल्लेबाज ने बिना किसी झिझक के आर्चर की गेंद पर शानदार छक्का जड़कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। भले ही वह बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन उनका आत्मविश्वास क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान खींचने में सफल रहा।
सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड टूटा, Vaibhav Suryavanshi ने सबसे कम उम्र में भारत के लिए किया डेब्यू
वैभव सूर्यवंशी ने अपने पहले ही मैच में भारत के लिए सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने 15 वर्ष 99 दिन की उम्र में डेब्यू किया और इस मामले में महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 वर्ष 205 दिन की उम्र में भारत के लिए पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। वैभव अब भारत के सबसे युवा पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बन गए हैं।
इसके साथ ही वैभव ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में छक्का लगाने वाले बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। अपनी पारी का पहला छक्का उन्होंने जोफ्रा आर्चर की गेंद पर लगाया, जिसने उनके डेब्यू को और भी यादगार बना दिया। यह उपलब्धि उनकी निडर बल्लेबाजी और बड़े मंच पर आत्मविश्वास का प्रमाण मानी जा रही है।
पहले मैच में अर्धशतकीय साझेदारी, Vaibhav Suryavanshi के रूप में भारतीय क्रिकेट को मिला नया सितारा
व्यक्तिगत स्कोर भले ही छोटा रहा, लेकिन वैभव ने टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने अभिषेक शर्मा के साथ पहले विकेट के लिए 29 गेंदों में 50 रन की साझेदारी की। अपने डेब्यू मैच में अर्धशतकीय ओपनिंग साझेदारी करने वाले सबसे युवा भारतीय खिलाड़ियों में भी उनका नाम दर्ज हो गया। उनकी आक्रामक शुरुआत ने भारतीय पारी को तेज गति दी और टीम को मजबूत आधार प्रदान किया।
वैभव सूर्यवंशी पिछले कुछ समय से अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के कारण लगातार चर्चा में रहे हैं। घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली थी। चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन ने उन पर भरोसा जताया और इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उन्हें मौका दिया। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी मैच से पहले कहा था कि वैभव ने अपनी प्रतिभा के दम पर टीम में जगह बनाई है और वह बड़े मंच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
हालांकि अपने पहले मैच में वैभव बड़ी पारी नहीं खेल पाए, लेकिन उन्होंने यह संकेत जरूर दे दिया कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य के लिए एक बेहद प्रतिभाशाली बल्लेबाज मिल चुका है। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिकॉर्ड बनाना और दुनिया के तेज गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी करना उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करता है। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब उनकी अगली पारियों पर रहेगी, जहां उनसे और भी बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद की जाएगी।



