द लोकतंत्र/ आज़मगढ़ / पूजा सिंह : Azamgarh में साइबर ठगी के एक मामले में थाना कोतवाली स्थित साइबर हेल्प डेस्क की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित के ₹38,000 वापस करा दिए गए। साइबर अपराध की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने तत्काल संबंधित बैंक खातों को होल्ड कराया, जिससे ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा सुरक्षित किया जा सका।
मामला 19 अगस्त 2026 का है। थाना कोतवाली क्षेत्र के निवासी अजीत कुमार सिंह के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए कहा कि वह उनके खाते में ₹200 जमा करने जा रहा है। बातचीत के दौरान पीड़ित से कुछ जानकारी ली गई, जिसके बाद उनके खाते से कुल ₹42,999 की धोखाधड़ी हो गई। ठगी का पता चलते ही अजीत कुमार सिंह ने बिना देरी किए थाना कोतवाली स्थित साइबर हेल्प डेस्क से संपर्क किया और घटना की जानकारी दी।
साइबर हेल्प डेस्क की तेजी से कार्रवाई, ₹39,592 हुए होल्ड
मामले की सूचना मिलते ही साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक सागर कुमार रंगू और उनकी टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम ने साइबर फ्रॉड से जुड़े संबंधित बैंक खातों की जानकारी जुटाकर रकम को होल्ड कराने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस की कार्रवाई के परिणामस्वरूप ₹39,592 की धनराशि होल्ड कराई जा सकी। इसमें से ₹38,000 की रकम पीड़ित अजीत कुमार सिंह के खाते में वापस रिफंड हो चुकी है। वहीं, शेष धनराशि को भी वापस कराने की प्रक्रिया जारी है।
पीड़ित ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई के लिए साइबर हेल्प डेस्क, थाना कोतवाली और आजमगढ़ पुलिस का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने समय पर मदद की, जिसके कारण उनकी ठगी गई रकम का बड़ा हिस्सा वापस मिल सका। साइबर ठगी के मामलों में समय पर शिकायत दर्ज कराना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस मामले में भी पीड़ित द्वारा घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दिए जाने से रकम को होल्ड कराने में मदद मिली।
बैंक अधिकारी बनकर आए कॉल से रहें सावधान, पुलिस ने की अपील
आजमगढ़ पुलिस ने आमजन से साइबर अपराध को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। साइबर सेल प्रभारी ने कहा कि अनजान नंबर से आने वाले फोन कॉल पर बैंक खाते से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा न करें। किसी भी व्यक्ति के बैंक अधिकारी होने का दावा करने पर भी OTP, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी नहीं देनी चाहिए। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर फ्रॉड होने पर घबराने के बजाय तुरंत इसकी सूचना दें। पीड़ित साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या cybercrime.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा थाना कोतवाली स्थित साइबर हेल्प डेस्क पर भी संपर्क किया जा सकता है।
आजमगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर सामने आया है कि साइबर ठगी के मामलों में जितनी जल्दी शिकायत की जाती है, उतनी ही जल्दी रकम को ट्रेस और होल्ड कराने की संभावना बढ़ती है। पुलिस ने नागरिकों से डिजिटल लेनदेन के दौरान सावधानी बरतने और संदिग्ध कॉल या संदेश मिलने पर सतर्क रहने की अपील की है।



