द लोकतंत्र/ लखनऊ : अयोध्या स्थित Ram Mandir से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर राजनीतिक और धार्मिक हलकों में बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। मामले की जांच जहां विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है, वहीं इस बीच भाजपा के पूर्व सांसद और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार तथा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बयान चर्चा का विषय बन गए हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान विनय कटियार ने धीरेंद्र शास्त्री की हालिया टिप्पणी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए धीरेंद्र शास्त्री पर व्यक्तिगत टिप्पणी भी की। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है। गौरतलब है कि राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा मामले की जांच अभी जारी है और जांच एजेंसियों की ओर से अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। ऐसे में विभिन्न पक्षों की ओर से दिए जा रहे बयान राजनीतिक और व्यक्तिगत दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
Ram Mandir पर धीरेंद्र शास्त्री के बयान के बाद बढ़ा विवाद, जांच पर जताया था भरोसा
इस विवाद की शुरुआत उस समय और तेज हुई जब पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामले में केवल छोटे स्तर के लोगों तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होती है तो बड़े और प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
धीरेंद्र शास्त्री ने यह भी कहा था कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिया गया चढ़ावा करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय है और यदि उसमें किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। विनय कटियार ने मीडिया से बातचीत में धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। हालांकि धीरेंद्र शास्त्री की ओर से विनय कटियार के ताजा बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Ram Mandir चढ़ावा विवाद में SIT की जांच जारी, जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी स्थिति
विनय कटियार इससे पहले भी इस मामले को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी राय व्यक्त कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने इस विषय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी चर्चा की है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले में वित्तीय अनियमितता हुई है। हालांकि यह उनका व्यक्तिगत दावा है और इसकी पुष्टि जांच एजेंसियों द्वारा अभी तक नहीं की गई है।
दूसरी ओर, विशेष जांच दल (SIT) कथित चढ़ावा चोरी और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रहा है। जांच के दौरान कई लोगों से पूछताछ की जा चुकी है और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राम मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल से जुड़े इस मामले को लेकर देशभर में लोगों की नजर जांच पर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में अंतिम निष्कर्ष केवल जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक सामने आने वाले आरोपों और बयानों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।




