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अरावली विवाद में CM भजनलाल का सख्त रुख: कहा – न छेड़छाड़ होगी, न नए खनन पट्टे जारी होंगे

CM Bhajanlal takes a firm stance on the Aravalli dispute: Says there will be no tampering with the existing rules and no new mining leases will be issued.

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : अरावली पर्वत श्रृंखला को लेकर राजस्थान में मचे सियासी और जन आंदोलन के घमासान के बीच CM भजनलाल शर्मा का बड़ा और स्पष्ट बयान सामने आया है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि अरावली के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी और राज्य में खनन का कोई नया पट्टा जारी नहीं किया जाएगा। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अरावली को लेकर प्रदेश के एक दर्जन से अधिक जिलों में विरोध-प्रदर्शन और हंगामा देखने को मिला।

झालावाड़ कार्यक्रम में CM का सख्त संदेश

सोमवार (22 दिसंबर) को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा झालावाड़ में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अरावली को लेकर चल रहे विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी। सीएम ने कहा कि अरावली न केवल राजस्थान, बल्कि पूरे उत्तर भारत के पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद जरूरी है और इसे किसी भी कीमत पर नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मुद्दे पर अशोक गहलोत और कांग्रेस पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सोशल मीडिया पर ‘सेव अरावली’ की डीपी लगाकर लोगों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि केवल डीपी बदलने से अरावली नहीं बचेगी, बल्कि इसके लिए दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और ठोस फैसलों की जरूरत होती है। उन्होंने कांग्रेस पर लोगों को बरगलाने और भावनात्मक मुद्दों पर राजनीति करने का आरोप भी लगाया।

प्रदेशभर में हुआ प्रदर्शन, सरकार पर बढ़ा दबाव

गौरतलब है कि अरावली को लेकर सोमवार को राजस्थान के एक दर्जन से ज्यादा जिलों में विरोध प्रदर्शन हुए। कई जगहों पर प्रदर्शन उग्र भी हो गया, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति पर असर पड़ा। पर्यावरण संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने खनन और नियमों में बदलाव के खिलाफ सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की थी।

ऐसे में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह ऐलान सरकार की ओर से एक डैमेज कंट्रोल और भरोसा दिलाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इस बयान के बाद विरोध-प्रदर्शनों की तीव्रता कुछ हद तक कम हो सकती है।

कांग्रेस का पलटवार: बयान पर कायम रहें CM

हालांकि मुख्यमंत्री के इस बयान पर कांग्रेस ने भी सियासी तंज कसने में देर नहीं लगाई। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि यह पहली बार है जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिल्ली से पर्ची आए बिना अपनी मर्जी से कोई बयान दिया है।

टीकाराम जूली ने कहा कि कांग्रेस को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री अपने इस बयान पर कायम रहेंगे और अरावली को लेकर केंद्र सरकार द्वारा नियमों में किए गए बदलावों को वापस करवाने के लिए दबाव बनाएंगे।

जन आंदोलन के दबाव में आया बयान?

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का दावा है कि पूरे प्रदेश में चल रहे जन आंदोलन के दबाव की वजह से ही मुख्यमंत्री को यह घोषणा करनी पड़ी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भजनलाल शर्मा सरकार अपने बयान से पीछे हटती है या अरावली को नुकसान पहुंचाने वाले फैसले लिए जाते हैं, तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर पुरजोर विरोध करेगी।

बहरहाल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के इस स्पष्ट ऐलान के बाद राजस्थान में अरावली को लेकर मचा घमासान कुछ हद तक शांत होने की उम्मीद जताई जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान सरकार के लिए एक संतुलन साधने की कोशिश है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और सियासी दबाव दोनों को संभाला जा सके। कुल मिलाकर, अरावली मुद्दे पर सीएम भजनलाल शर्मा का रुख इतना सख्त रहा कि कांग्रेस को भी बयान का स्वागत करने पर मजबूर होना पड़ा। अब असली परीक्षा इस बात की होगी कि सरकार अपने ऐलान को जमीन पर कितना उतार पाती है।

Team The Loktantra

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