द लोकतंत्र/ रायपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी कांड को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को कांग्रेस पर बेहद गंभीर और तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि झीरम घाटी में कांग्रेस के नेताओं ने ही माओवादियों से अपने ही साथियों को मरवाने का काम किया। नड्डा का यह बयान छत्तीसगढ़ की राजनीति में नए विवाद की वजह बन गया है।
यह पहली बार है जब भाजपा के किसी शीर्ष नेता ने झीरम घाटी कांड में कांग्रेस को सीधे तौर पर कठघरे में खड़ा किया है। नड्डा ने कहा कि झीरम घाटी कांड की पूरी जानकारी कांग्रेस के लोगों के बीच पहले से थी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो फिर क्या होगा? नड्डा ने कांग्रेस पर माओवादियों के तुष्टीकरण का भी आरोप लगाया।
2026 तक माओवादी हिंसा हो जाएगी खत्म
जेपी नड्डा जांजगीर-चांपा में आयोजित जनादेश परब कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में डबल इंजन की सरकार माओवादियों से देश को मुक्त करने के लिए निर्णायक अभियान चला रही है। नड्डा ने दावा किया कि मार्च 2026 तक माओवादी हिंसा पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय तक माओवादी हिंसा से प्रभावित रहा है, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। नड्डा ने इस अभियान का श्रेय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को देते हुए कहा कि उन्होंने माओवाद को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया है।
झीरम घाटी हमला और कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा का जिक्र
नड्डा ने वर्ष 2013 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने याद दिलाया कि 25 मई 2013 को माओवादियों ने बस्तर के झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर घातक हमला किया था। इस हमले में तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल समेत 30 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। यह हमला छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े राजनीतिक हमलों में गिना जाता है।
नड्डा ने दावा किया कि अब तक माओवादी हिंसा के खिलाफ की गई कार्रवाई में करीब ढाई हजार माओवादी मारे जा चुके हैं, जबकि 1853 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है। इस जनादेश परब कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू समेत राज्य सरकार के कई मंत्री और भाजपा नेता मौजूद रहे।
भूपेश बघेल का पलटवार: ‘बलिदानियों का अपमान’
जेपी नड्डा के बयान पर कांग्रेस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा कि नड्डा का बयान झीरम घाटी हमले में मारे गए बलिदानियों का अपमान है।
भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने माओवादी हमलों में अपने कई बड़े नेताओं को खोया है और इस तरह के आरोप बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस झीरम घाटी हमले के पीछे की साजिश की जांच कराना चाहती थी, तब भाजपा ने कोर्ट के जरिए जांच क्यों रुकवाई।
साजिश की जांच पर उठे सवाल
भूपेश बघेल ने यह भी पूछा कि क्या मौजूदा भाजपा सरकार झीरम घाटी हमले के कथित हमलावरों से इस गहरी साजिश को लेकर पूछताछ करेगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार सच में सच्चाई सामने लाना चाहती है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जानी चाहिए।
जेपी नड्डा के बयान के बाद झीरम घाटी कांड एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। जहां भाजपा इसे कांग्रेस की कथित साजिश और माओवादी तुष्टीकरण से जोड़ रही है, वहीं कांग्रेस इसे शहीद नेताओं का अपमान और राजनीतिक दुर्भावना बता रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने के संकेत साफ नजर आ रहे हैं।

