द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : नए वर्ष की शुरुआत के साथ भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव की नई परत जुड़ती दिख रही है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने सोमवार को भारत का नाम लिए बिना सख्त बयान जारी किया और चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान की संप्रभुता या क्षेत्रीय अखंडता का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष उल्लंघन हुआ, तो प्रतिक्रिया ‘दृढ़ और निर्णायक’ होगी।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान खुद आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और आतंकवाद से जूझ रहा है। विशेषज्ञ इसे पाकिस्तान की घरेलू विफलताओं से ध्यान भटकाने का प्रयास भी मान रहे हैं।
मुनीर बोला – सीमा का कोई भी उल्लंघन बर्दाश्त नहीं
पाक सेना की मीडिया विंग द्वारा जारी बयान के अनुसार, जनरल मुनीर ने यह टिप्पणी रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) में आयोजित बलूचिस्तान पर केंद्रित 18वीं राष्ट्रीय कार्यशाला के प्रतिभागियों के साथ बातचीत के दौरान की। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान की शांति-नीति क्षेत्रीय स्थिरता पर आधारित है, लेकिन सीमा का कोई भी उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए किसी भी स्तर तक जा सकता है।
बयान में उनका लहजा शांतिपूर्ण कूटनीति से अधिक चेतावनी भरा दिखाई दिया। पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत पर बलूचिस्तान में हिंसा भड़काने और विकास परियोजनाओं को बाधित करने के आरोप लगाए। हालांकि, पाकिस्तान के दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत सामने नहीं रखा गया। यह आरोप नया नहीं है, पाकिस्तान पहले भी बलूचिस्तान की अस्थिरता के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराता रहा है, जबकि वहीं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की मानवाधिकार उल्लंघन और आतंकी पालने की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं।
भारत का आरोप – पाकिस्तान, पंजाब को अस्थिर करने की कोशिश में
पाकिस्तान की इस बयानबाजी के बीच भारत की ओर से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा खुलासा किया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI लगातार ड्रोन के जरिए पंजाब में हथियार और गोला-बारूद भेज रही है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पंजाब को अस्थिर करने की कोशिश में है ताकि राज्य को ‘सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील’ दिखाया जा सके। यादव के अनुसार, पाकिस्तान का उद्देश्य सीमा क्षेत्र में अशांति पैदा करना है और इसे भारत के खिलाफ छेड़े गए “छद्म युद्ध” का हिस्सा बताया।
डीजीपी ने बताया कि पंजाब पुलिस ने कई बार ड्रोन के माध्यम से भेजे जा रहे हथियारों को जब्त किया है। उन्होंने बताया कि यह नेटवर्क केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं, बल्कि इसके संचालक उत्तरी अमेरिका, यूरोप, खाड़ी देश और दक्षिण-पूर्व एशिया तक फैले हुए हैं। पंजाब पुलिस इन सभी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए है और आईएसआई की हर साजिश को विफल किया जा रहा है। हालिया समय में पुलिस थानों पर हुए ग्रेनेड हमलों की घटनाओं को भी पाकिस्तान समर्थित मॉड्यूल से जोड़कर देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, नए साल की शुरुआत में ही भारत-पाक तनाव की स्थिति फिर उभर चुकी है। एक ओर पाकिस्तान भारतीय सीमा और बलूचिस्तान को लेकर आरोप लगा रहा है, तो वहीं भारत खुलकर कह रहा है कि पाकिस्तान ड्रोन के माध्यम से हथियार भेजकर अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है। परिस्थिति बताती है कि आने वाले समय में सीमा सुरक्षा और राजनयिक स्तर पर दोनों देशों के बीच टकराव और तेज हो सकता है।

