द लोकतंत्र/ मुंबई : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े राजनीतिक फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। ‘Operation Tiger’ के नाम से चल रही चर्चाओं के बीच दावा किया जा रहा है कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के कई सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों ने राज्य की सियासत में हलचल जरूर बढ़ा दी है।
सूत्रों के अनुसार लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) के 9 सांसद हैं और इनमें से कुछ सांसदों के शिंदे गुट के नेताओं के संपर्क में होने की चर्चा है। इन अटकलों के बीच उद्धव ठाकरे ने अपने सांसदों की बैठक भी बुलाई, लेकिन बैठक में सभी सांसदों की मौजूदगी नहीं होने से राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जाने लगे।
कृपाल तुमाने का दावा, ‘Operation Tiger’ की तैयारी पूरी
शिंदे गुट के नेता कृपाल तुमाने ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उद्धव ठाकरे गुट के कई सांसद शिवसेना (शिंदे) में शामिल होने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि सात सांसदों के साथ बातचीत लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और अब केवल शामिल होने की तारीख तय होना बाकी है। तुमाने ने यह भी दावा किया कि केवल सांसद ही नहीं, बल्कि उद्धव गुट के कई विधायक भी शिंदे खेमे के संपर्क में हैं। उनके बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकता है।
हालांकि इन दावों पर शिवसेना (यूबीटी) की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। पार्टी नेता संजय राउत ने कहा कि सभी सांसद पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं और टूट की खबरें केवल अफवाह हैं। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि यदि सामने वाले ‘ऑपरेशन टाइगर’ की बात कर रहे हैं, तो उनकी पार्टी भी ‘ऑपरेशन वूल्फ’ के लिए तैयार है।
बैठक में सांसदों की अनुपस्थिति से बढ़ी Operation Tiger की अटकलें
14 जून को मातोश्री में उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई सांसदों की बैठक भी चर्चा का विषय बनी। बैठक में कुछ सांसद व्यक्तिगत कारणों से शामिल नहीं हो सके, जबकि कुछ ने ऑनलाइन माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके बावजूद राजनीतिक विश्लेषक इसे पार्टी के भीतर चल रही हलचलों से जोड़कर देख रहे हैं। इस बीच उद्धव ठाकरे का बयान भी सुर्खियों में है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को जाना है तो वह खुशी-खुशी जा सकता है। उनके इस बयान को राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं से धैर्य बनाए रखने की भी अपील की।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि किसी भी दल के सांसद दलबदल कानून से बचना चाहते हैं, तो उन्हें आवश्यक संख्या में एक साथ निर्णय लेना होगा। लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) के 9 सांसद होने के कारण दो-तिहाई संख्या का आंकड़ा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति आने वाले दिनों में ही स्पष्ट होगी। मानसून सत्र से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में किसी बड़े घटनाक्रम की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सभी की नजर अब उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हुई है।




