द लोकतंत्र : केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए अप्रैल का दूसरा हफ्ता खुशियों भरा हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार अगले कुछ दिनों में होने वाली कैबिनेट बैठक में महंगाई भत्ते (DA) को बढ़ाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा सकती है। सबसे राहत की बात यह है कि यह बढ़ोत्तरी 1 जनवरी 2026 से ही लागू मानी जाएगी, यानी कर्मचारियों को पिछले महीनों का एरियर भी मिलेगा।
सैलरी में दिखेगा बड़ा उछाल
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को उनकी बेसिक सैलरी पर 58 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। सरकार के नए फैसले के बाद यह बढ़कर 60 फीसदी पर पहुँच जाएगा। सुनने में यह 2 फीसदी की बढ़ोतरी छोटी लग सकती है, लेकिन जब इसे पूरी सैलरी पर कैलकुलेट किया जाता है, तो हाथ में आने वाले पैसे (Take-home Salary) में एक अच्छा इजाफा देखने को मिलता है। राशन से लेकर बच्चों की स्कूल फीस तक, बढ़ती कीमतों के बीच यह अतिरिक्त पैसा मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बड़ा सहारा बनेगा।
देरी की असली वजह क्या है?
अक्सर जनवरी में होने वाला यह ऐलान इस बार थोड़ा खिंच गया है। इसकी मुख्य वजह है ‘वेतन आयोग’ (Pay Commission) का बदलाव। दरअसल, 31 दिसंबर 2025 को 7वें वेतन आयोग का समय पूरा हो चुका है। 1 जनवरी 2026 से तकनीकी रूप से 8वां वेतन आयोग शुरू हो गया है।
8वें वेतन आयोग का गठन पिछले साल नवंबर 2025 में ही कर दिया गया था, लेकिन आयोग को अपनी पूरी रिपोर्ट देने में अभी समय लगेगा। सरकार के सामने चुनौती यह थी कि इस बदलाव के दौरान डीए की गणना कैसे की जाए। फिलहाल तय हुआ है कि जब तक नई सिफारिशें लागू नहीं होतीं, पुराने तरीके से ही भत्ते का भुगतान होता रहेगा।
1 करोड़ से ज्यादा लोगों को होगा फायदा
सरकार के इस कदम का सीधा लाभ देश के करीब 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा। खास तौर पर बुजुर्ग पेंशनभोगियों के लिए यह खबर बहुत अहम है, जिन्हें अपनी दवाइयों और रोजमर्रा के खर्चों के लिए बढ़ती आय की जरूरत होती है।
भविष्य में जब 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें पूरी तरह लागू होंगी, तो अब तक जमा हुए पूरे महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में जोड़ (Merge) दिया जाएगा। इसके बाद डीए की गिनती फिर से जीरो से शुरू होगी, जिससे कर्मचारियों की कुल सैलरी में एक बहुत बड़ा जंप (Salary Hike) देखने को मिलेगा।

