द लोकतंत्र : गर्मियों का मौसम आते ही आम की चर्चा हर घर में होने लगती है। आमतौर पर हम 50 से 200 रुपये किलो वाला आम शौक से खाते हैं। लेकिन दुनिया में एक ऐसा भी आम है जिसे खरीदना हर किसी के बस की बात नहीं है। ‘मियाजाकी आम’ नाम की यह किस्म अपनी बेमिसाल मिठास और चौंका देने वाली कीमत के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है।
कहाँ होता है यह बेशकीमती आम?
मियाजाकी आम की शुरुआत और सबसे बेहतरीन पैदावार जापान के मियाजाकी प्रांत में होती है। इसे बहुत ही खास और नियंत्रित परिस्थितियों में उगाया जाता है। इस आम की खेती में धूप, तापमान और नमी का इतना सटीक बैलेंस रखा जाता है कि हर फल अपनी क्वालिटी में नंबर वन होता है। जापान में इसे आम बाजारों में नहीं, बल्कि बड़ी-बड़ी नीलामियों में बेचा जाता है।
क्यों कहा जाता है ‘एग ऑफ द सन’?
जापान में मियाजाकी आम को ‘ताइयो-नो-टोमागो’ यानी ‘एग ऑफ द सन’ (सूरज का अंडा) कहा जाता है। इसकी वजह इसका खास आकार और गहरा लाल रंग है, जो चमकते सूरज जैसा दिखता है।
इसकी कुछ खास बातें जो इसे अलग बनाती हैं:
- रंग और बनावट: यह आम पीला या हरा नहीं, बल्कि गहरे लाल रंग का होता है।
- मिठास की गारंटी: यह आम किसी भी साधारण आम के मुकाबले बहुत ज्यादा मीठा होता है।
- बिना रेशे वाला फल: इसमें बिल्कुल भी फाइबर (रेशा) नहीं होता, जिससे यह खाने में मक्खन की तरह मुलायम लगता है।
- वजन: एक मियाजाकी आम का वजन कम से कम 350 ग्राम होता है और इसमें शुगर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है।
कीमत सुन उड़ जाएंगे होश
अब बात करते हैं उस सवाल की जो सबके मन में है—आखिर इसकी कीमत कितनी है? मियाजाकी आम की कीमत इंटरनेशनल मार्केट में करीब 2.5 से 3 लाख रुपये प्रति किलो तक हो सकती है। भारत में इतनी रकम में एक अच्छी स्पोर्ट्स बाइक या एक पुरानी कार आसानी से खरीदी जा सकती है।
भारत में भी शुरू हुई खेती
दिलचस्प बात यह है कि अब यह विदेशी आम भारत में भी दस्तक दे चुका है। मध्य प्रदेश के जबलपुर, बिहार के पूर्णिया और उत्तर प्रदेश के वाराणसी जैसे इलाकों में कुछ प्रगतिशील किसानों ने इसकी खेती शुरू की है। हालांकि, भारत में भी इसकी सुरक्षा के लिए किसानों को विशेष इंतजाम करने पड़ते हैं ताकि कीमती फल चोरी न हो जाए।

