द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : भारत में अब लोग गाड़ी खरीदते समय सिर्फ डिजाइन, ब्रांड और फीचर्स पर ही ध्यान नहीं दे रहे, बल्कि उसके रोजाना के खर्च और मेंटेनेंस को भी प्राथमिकता देने लगे हैं। पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों के बजट पर बड़ा असर डाला है। ऐसे में इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी EV अब एक स्मार्ट, किफायती और भविष्य के अनुकूल विकल्प के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
खासतौर पर युवा, ऑफिस जाने वाले कर्मचारी और रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर और इलेक्ट्रिक कारों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। कम चार्जिंग खर्च, कम मेंटेनेंस और आधुनिक तकनीक की वजह से EV मार्केट लगातार मजबूत होता जा रहा है।
कुछ साल पहले तक लोग इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लेकर संशय में रहते थे, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। अब EV को केवल भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि आज की जरूरत के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार की नीतियों, सब्सिडी और नई टेक्नोलॉजी ने भी इस बदलाव को तेज करने में अहम भूमिका निभाई है।
कम खर्च और बेहतर टेक्नोलॉजी बना रही EV को लोकप्रिय
ऑटोमोबाइल बाजार में ग्राहकों की सोच तेजी से बदल रही है। पहले लोग गाड़ी खरीदते समय केवल उसका लुक और ब्रांड वैल्यू देखते थे, लेकिन अब यह भी देखा जा रहा है कि हर महीने ईंधन और सर्विसिंग पर कितना खर्च आएगा। यही वजह है कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री लगातार बढ़ रही है।
शहरों में रोज ऑफिस आने-जाने वाले लोग, कैब सर्विस से जुड़े ड्राइवर और डिलीवरी सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारी सबसे तेजी से EV को अपना रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग और अधिक बढ़ सकती है।
Tata Motors, Ola Electric और अन्य ऑटो कंपनियां लगातार नए इलेक्ट्रिक मॉडल लॉन्च कर रही हैं। इन गाड़ियों में अब ज्यादा बैटरी रेंज, स्मार्ट कनेक्टिविटी और फास्ट चार्जिंग जैसे एडवांस फीचर्स दिए जा रहे हैं, जो खासतौर पर युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं।
चार्जिंग नेटवर्क और सरकारी समर्थन से बढ़ा भरोसा
कुछ साल पहले तक लोगों की सबसे बड़ी चिंता चार्जिंग स्टेशन और बैटरी बैकअप को लेकर होती थी। लेकिन अब देशभर में तेजी से EV चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार हो रहा है। बड़े शहरों के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी चार्जिंग स्टेशन लगाए जा रहे हैं, जिससे लंबी दूरी की यात्रा करना पहले से आसान हो गया है।
नई बैटरी तकनीक की वजह से अब इलेक्ट्रिक वाहन ज्यादा दूरी तय कर पा रहे हैं और फास्ट चार्जिंग फीचर के कारण चार्जिंग समय भी कम हुआ है। इससे लोगों का भरोसा EV की तरफ तेजी से बढ़ रहा है।
भारत सरकार भी ग्रीन मोबिलिटी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। कई राज्यों में EV खरीदने पर सब्सिडी, टैक्स में छूट और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर काम किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहन भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर की दिशा बदल सकते हैं। कम खर्च, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक के कारण EV अब केवल एक ट्रेंड नहीं, बल्कि भारत की बदलती जरूरत बनते जा रहे हैं।

