द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : करीब एक वर्ष के अंतराल के बाद विपक्षी INDIA गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार (8 जून, 2026) को नई दिल्ली स्थित संविधान क्लब में आयोजित हुई। इस बैठक में 23 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और एक निर्दलीय सांसद सहित कुल 24 नेताओं ने भाग लिया। बैठक का मुख्य फोकस आगामी 2029 लोकसभा चुनाव, चुनावी पारदर्शिता, बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं और विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने पर रहा। लंबे समय तक चली इस बैठक में विपक्षी दलों ने साझा रणनीति तैयार करने और केंद्र सरकार के खिलाफ समन्वित तरीके से राजनीतिक लड़ाई लड़ने पर सहमति जताई।
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि सभी दल पांच प्रमुख मुद्दों पर एकमत हुए हैं और आने वाले समय में इन विषयों पर संयुक्त रूप से आंदोलन और राजनीतिक अभियान चलाया जाएगा। विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर देश के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने, नीट और अन्य परीक्षा विवादों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने तथा देश की आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों पर केंद्र सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग उठाने का निर्णय लिया। इसके अलावा यह भी तय किया गया कि INDIA गठबंधन की बैठक अब हर दो महीने में आयोजित की जाएगी ताकि सहयोगी दलों के बीच बेहतर समन्वय बना रहे।
राहुल गांधी ने INDIA के सहयोगी दलों को दिया एकजुटता और सम्मान का संदेश
बैठक के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी गठबंधन को “Love and Affection” यानी प्रेम, स्नेह और आपसी सम्मान की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने सहयोगी दलों से आग्रह किया कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद साझा उद्देश्यों को प्राथमिकता दी जाए।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति, पश्चिम एशिया संकट और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक मोर्चे पर सरकार अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई है और युवाओं को पेपर लीक जैसे मामलों के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने विपक्षी दलों से संसद से लेकर सड़क तक संयुक्त संघर्ष चलाने का आह्वान किया।
INDIA बैठक में ममता, अखिलेश और उमर अब्दुल्ला समेत कई नेताओं ने रखे सुझाव
बैठक में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनावी प्रक्रिया और विपक्षी एकता को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी सहयोगी दलों को साथ लेकर चलने की आवश्यकता पर बल दिया। राजद नेता तेजस्वी यादव ने 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारी अभी से शुरू करने और जनआंदोलनों को मजबूत करने की बात कही।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक परिस्थितियों और चुनावी मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को जनता के बीच जाकर अपनी राजनीतिक लड़ाई को और मजबूत करना होगा। वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस को गठबंधन की “ग्लू” यानी जोड़ने वाली शक्ति बताते हुए सामूहिक आत्ममंथन और दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने की आवश्यकता जताई। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर विपक्ष की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित करने की सलाह दी, जबकि निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने का सुझाव रखा। सूत्रों के अनुसार बैठक में लगभग 450 लोकसभा सीटों को लेकर प्रारंभिक स्तर की चर्चा भी हुई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि INDIA गठबंधन की यह बैठक केवल वर्तमान राजनीतिक मुद्दों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसे 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारी और विपक्षी एकजुटता को नई दिशा देने की महत्वपूर्ण शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

