द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद Kangana Ranaut द्वारा Gen-Z और युवा महिलाओं को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सहयोगी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने कंगना की टिप्पणी से खुद को अलग करते हुए कहा है कि यह उनका व्यक्तिगत बयान है और पार्टी इससे सहमत नहीं है।
मंगलवार (28 जुलाई 2026) को जेडीयू की राष्ट्रीय प्रवक्ता अंजुम आरा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कंगना रनौत सहयोगी दल की सम्मानित सांसद हैं, लेकिन देश की युवा पीढ़ी और बेटियों को लेकर दिए गए उनके बयान का समर्थन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपने शब्दों के चयन में संवेदनशीलता और मर्यादा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अंजुम आरा ने कहा कि देश की बेटियां आज शिक्षा, विज्ञान, खेल, प्रशासन, सेना और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। ऐसे में किसी भी टिप्पणी से उनके सम्मान और आत्मविश्वास को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए।
जेडीयू ने कहा- Kangana Ranaut के बयान से करोड़ों बेटियों की भावनाएं आहत हो सकती हैं
जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि सार्वजनिक जीवन में किसी भी जनप्रतिनिधि की भाषा जिम्मेदार और सम्मानजनक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी बयान से समाज के किसी वर्ग, विशेषकर महिलाओं और युवाओं की भावनाएं आहत होती हैं, तो उस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। अंजुम आरा के अनुसार, कंगना रनौत की टिप्पणी को पार्टी का आधिकारिक रुख नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह उनका व्यक्तिगत विचार है और जेडीयू का उससे कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा कि देश की लाखों-करोड़ों युवा महिलाएं कठिन परिस्थितियों में शिक्षा, रोजगार और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। ऐसे में उनके संघर्ष और उपलब्धियों का सम्मान किया जाना चाहिए। जेडीयू का मानना है कि सार्वजनिक मंचों पर दिए जाने वाले बयानों में संयम और सामाजिक जिम्मेदारी झलकनी चाहिए।
Kangana Ranaut के बयान पर बढ़ा विवाद, सोशल मीडिया पर भी जारी बहस
यह विवाद उस बयान के बाद शुरू हुआ जिसमें कंगना रनौत ने कथित तौर पर आधुनिक युवा पीढ़ी और कुछ युवा महिलाओं को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी व्यापक बहस देखने को मिली। कई लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया, जबकि अन्य ने इसे आपत्तिजनक और सामान्यीकरण करने वाला बताया।
इस बीच, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। जेडीयू की प्रतिक्रिया इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि वह भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए का हिस्सा है। पार्टी ने हालांकि यह स्पष्ट किया है कि कंगना का बयान उनका व्यक्तिगत मत है और उसे गठबंधन या जेडीयू के विचार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। गौरतलब है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े नेताओं के बयान अक्सर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बनते हैं। ऐसे मामलों में अलग-अलग दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आती रहती हैं। फिलहाल, कंगना रनौत के बयान को लेकर राजनीतिक बहस जारी है और इस पर विभिन्न पक्ष अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।




