द लोकतंत्र/नई दिल्ली: दिल्ली में No PUCC, No Fuel नीति को और सख्ती से लागू करने की तैयारी है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को बताया कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए इस नीति को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही सड़कों पर जमा धूल को कम करने के लिए हर 15 दिन में Deep Cleaning की योजना बनाई जा रही है। यह कदम सर्दियों में दिल्ली की हवा में प्रदूषण बढ़ने की आशंका के बीच उठाया जा रहा है। केंद्र के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देश के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 से पूरे NCR में वैध PUCC नहीं रखने वाले वाहनों को ईंधन नहीं देने की व्यवस्था लागू होनी है।
500 पेट्रोल पंपों पर बढ़ेगी निगरानी
सरकार की योजना दिल्ली के सभी 500 ANPR-enabled पेट्रोल पंपों पर No PUCC, No Fuel नीति को प्रभावी तरीके से लागू करने की है। ANPR(Automatic Number Plate Recognition) तकनीक कैमरों के जरिए वाहनों की नंबर प्लेट पहचानने में मदद करती है। इसके जरिए वाहन के नंबर को PUCC डेटाबेस से मिलाकर प्रमाणपत्र की वैधता की जांच की जा सकती है। नियमों के पालन की निगरानी के लिए तकनीक के साथ-साथ अन्य निर्धारित जांच व्यवस्था का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
PUCC यानी Pollution Under Control Certificate यह प्रमाणित करता है कि जांच के समय वाहन से निकलने वाला प्रदूषण निर्धारित सीमा के भीतर है। वैध PUCC नहीं होने पर वाहन को प्रदूषण मानकों के अनुरूप नहीं माना जाता। दिल्ली में लागू की जा रही No PUCC, No Fuel व्यवस्था के तहत वैध प्रमाणपत्र नहीं रखने वाले वाहनों को ईंधन देने पर रोक का प्रावधान है। हालांकि, CAQM के निर्देशों में चिकित्सा आपात स्थिति, कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्य और आपदा राहत जैसे कुछ असाधारण मामलों में छूट की संभावना रखी गई है।
हर 15 दिन होगी Deep Cleaning
मंत्री सिरसा के अनुसार दिल्ली की सड़कों की fortnightly deep cleaning यानी करीब हर 15 दिन में गहरी सफाई की योजना बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य सड़कों पर जमा धूल और मिट्टी को हटाना है, जो हवा में मिलकर प्रदूषण बढ़ाने वाले कारकों में शामिल हो सकती है।
सड़क सफाई की निगरानी के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा। इस प्रक्रिया में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC), नगर निगम (MCD) और दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर काम करने की योजना है। इससे सफाई, यातायात प्रबंधन और निगरानी को बेहतर तरीके से संचालित करने पर जोर रहेगा।
प्रदूषण के कई स्रोतों पर कार्रवाई
दिल्ली सरकार की प्रदूषण नियंत्रण रणनीति में केवल वाहन प्रदूषण ही नहीं, बल्कि सड़क की धूल, निर्माण गतिविधियों और अन्य प्रदूषण स्रोतों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सरकार की व्यापक योजना में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन, धूल, औद्योगिक प्रदूषण और ठोस कचरे से जुड़े स्रोतों पर कार्रवाई शामिल है।
इसके अलावा दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ाने और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। सरकार के अनुसार दिल्ली में कुल 6,840 बसें चल रही हैं, जिनमें 5,088 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। प्रदूषण नियंत्रण की इस पूरी योजना का उद्देश्य अलग-अलग स्रोतों से होने वाले उत्सर्जन को कम करना और सर्दियों के दौरान वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखना है।
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