द लोकतंत्र/ लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि मतदान और मतगणना पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष हो। मायावती ने दावा किया कि EVM में छेड़छाड़ या हैकिंग की आशंका को लेकर लोगों के मन में संदेह बना हुआ है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने EVM, चुनाव आयोग, SIR, कानून-व्यवस्था और नगीना लोकसभा सीट को लेकर कई मुद्दे उठाए। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की नगीना से जीत को लेकर भी आरोप लगाए। हालांकि, ये आरोप मायावती के राजनीतिक दावे के रुप में देखा जा रहा है।
आइए जानते हैं मायावती के प्रेस कॉन्फ्रेंस की 5 बड़ी बातें…
चुनाव निष्पक्ष तरीके से होने चाहिए
मायावती ने कहा कि संविधान नागरिकों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार देता है और चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष तरीके से संचालित करने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है। उन्होंने कहा कि मतदाता को इस बात का पूरा भरोसा होना चाहिए कि उसका वोट उसी उम्मीदवार के पक्ष में दर्ज और गिना गया है, जिसे उसने वोट दिया है। उन्होंने कहा कि यदि मतदाता के मन में वोट के किसी दूसरे खाते में जाने या गलत तरीके से गिने जाने का संदेह पैदा होता है, तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर लोगों का भरोसा प्रभावित हो सकता है।
EVM की जगह बैलेट पेपर से हों चुनाव
मायावती ने EVM के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में लंबे समय तक बैलेट पेपर के जरिए चुनाव होते रहे हैं। उन्होंने बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग दोहराई। मायावती ने अपने बयान में यह भी कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब बीजेपी के नेताओं ने EVM को लेकर सवाल उठाए थे और इसके इस्तेमाल का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद बीजेपी ने EVM से चुनाव कराने की व्यवस्था को जारी रखा।
चंद्रशेखर आजाद पर लगाए EVM से चुनाव जीतने का आरोप
मायावती ने नगीना लोकसभा सीट से आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की जीत को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि नगीना में आजाद समाज पार्टी का पर्याप्त जनाधार नहीं था और आरोप लगाया कि बीजेपी ने BSP को नुकसान पहुंचाने के लिए EVM में गड़बड़ी कराकर चंद्रशेखर आजाद को चुनाव जितवाया। यह मायावती का आरोप है।
उन्होंने इसके समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत किए होने की बात इस बयान में नहीं कही। मायावती ने यह भी आरोप लगाया कि चंद्रशेखर आजाद दलित उत्पीड़न के मामलों में धरना-प्रदर्शन के लिए युवाओं को आगे करते हैं, जिसके बाद उनके खिलाफ मामले दर्ज हो सकते हैं और इससे भविष्य में सरकारी नौकरी मिलने में परेशानी हो सकती है।
SIR को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल
मायावती ने मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर भी चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि SIR को लेकर फैली भ्रांतियों को आयोग को समय रहते दूर करना चाहिए था। मायावती ने दावा किया कि इस मुद्दे को लेकर विपक्ष में नाराजगी है और उम्मीद जताई कि चुनाव आयोग इन चिंताओं पर गंभीरता से विचार करेगा।
दिल्ली, पंजाब समेत कानून-व्यवस्था पर चिंता
BSP प्रमुख ने दिल्ली, पंजाब और अन्य राज्यों में कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर भी चिंता जताई। उन्होंने संबंधित राज्य सरकारों से कानून-व्यवस्था को बेहतर करने के लिए उचित कदम उठाने की अपील की। मायावती ने कहा कि लगातार सामने आ रहे कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे चिंता का विषय हैं और सरकारों को इस दिशा में गंभीरता से काम करना चाहिए।
मायावती ने एक बार फिर EVM बनाम बैलेट पेपर की बहस को सामने रखते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के भरोसे पर जोर दिया। अब देखना होगा कि चुनाव आयोग की क्या प्रतिक्रिया होगी।
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