द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : अमेरिका और Iran के बीच पिछले कई महीनों से जारी तनाव और कूटनीतिक वार्ताओं के बीच एक सकारात्मक संकेत सामने आया है। दोनों देशों के बीच संभावित समझौते को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने दावा किया है कि दोनों पक्ष किसी अंतिम समझौते के अब तक के सबसे करीब पहुंच चुके हैं। उनके इस बयान को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर साझा किए जाने के बाद इस मुद्दे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक ध्यान आकर्षित किया है।
मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी अस्थिरता और अमेरिका-ईरान संबंधों में खिंचाव के बीच यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच समझौता होता है तो इसका प्रभाव केवल क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी दिखाई देगा।
Iran विदेश मंत्री ने समझौते को बताया बेहद करीब
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि प्रस्तावित समझौता अब तक के सबसे निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों पक्षों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और अब अंतिम प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं शेष हैं।
अरागची ने अपने बयान में यह भी कहा कि समझौते से संबंधित कई बिंदुओं पर व्यापक बातचीत हो चुकी है और वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उनके इस संदेश को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रीशेयर किया, जिससे यह संकेत मिला कि वाशिंगटन भी वार्ता की प्रगति को सकारात्मक नजरिए से देख रहा है।
इससे पहले ट्रंप ने भी कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से लंबित विवादों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और अब केवल दस्तावेजों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया बाकी है।
अटकलों से बचने की अपील, Iran से प्रस्तावित समझौते पर जारी चर्चा
बातचीत के बीच ईरान के विदेश मंत्री ने मीडिया संस्थानों और राजनीतिक विश्लेषकों से अपील की है कि वे आधिकारिक घोषणा से पहले किसी भी तरह की अटकलों से बचें। उन्होंने कहा कि वार्ता पूरी होने और समझौते को अंतिम रूप दिए जाने के बाद सभी विवरण सार्वजनिक किए जाएंगे।
इसी बीच ईरान के कुछ मीडिया संस्थानों ने प्रस्तावित 14 सूत्रीय समझौते से जुड़ी जानकारी प्रकाशित की है। हालांकि इन रिपोर्टों पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने आपत्ति जताई है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मीडिया में प्रकाशित कई शर्तों का वास्तविक बातचीत या लिखित सहमति से कोई संबंध नहीं है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि समझौते की शर्तों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि यदि यह समझौता सफलतापूर्वक संपन्न होता है तो यह अमेरिका और ईरान के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत साबित हो सकता है। साथ ही इससे मध्य पूर्व में तनाव कम होने और वैश्विक स्तर पर राजनीतिक स्थिरता को भी बल मिल सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें दोनों देशों के अगले कदम और संभावित औपचारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।



