द लोकतंत्र/ रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने शनिवार को अपने गृह जिले जशपुर के दौरे के दौरान कृषि, शिक्षा और तकनीकी नवाचार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलों को गति दी। मुख्यमंत्री ने कुनकुरी स्थित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में आयोजित जैविक किसान मेला एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला में भाग लेकर किसानों को आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक खेती अपनाने का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने महिला किसानों के लिए शुरू किए गए ड्रोन पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा जिले में शिक्षा और कौशल विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की लगभग 75 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है और किसानों की समृद्धि के बिना विकसित भारत की परिकल्पना अधूरी है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक और जैविक खेती को अपनाने तथा आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर उत्पादन और आय बढ़ाने का आह्वान किया।
ड्रोन तकनीक और प्राकृतिक खेती से कृषि में आएगा बदलाव – Vishnu Deo Sai
जैविक किसान मेले के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि, ड्रोन तकनीक, पशुपालन, मत्स्य पालन और आधुनिक कृषि उपकरणों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होती है, इसलिए किसानों को जैविक विकल्पों की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को कम लागत और बेहतर उत्पादन का प्रभावी माध्यम बताया। कार्यक्रम में ड्रोन के माध्यम से खेतों में दवा और उर्वरक छिड़काव का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे किसानों ने काफी रुचि के साथ देखा।
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए मुख्यमंत्री ने ‘ड्रोन दीदी अभियान’ के तहत महिला किसानों के पांच सदस्यीय दल को प्रशिक्षण के लिए रायपुर रवाना किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित महिलाएं भविष्य में अपने क्षेत्रों में अन्य किसानों को भी आधुनिक तकनीक आधारित खेती के लिए प्रेरित करेंगी।
इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया। मनोरा के किसान महेश सिंह को जैविक खेती के लिए, लाखाझार के किसान सुखराम को 33 किलोग्राम वजन का कटहल उत्पादन करने के लिए तथा विजय भूषण को ढाई किलोग्राम वजन का आम उगाने के लिए सम्मानित किया गया।
सीएम Vishnu Deo Sai ने कहा – नालंदा परिसर और ‘जश लर्न’ से शिक्षा को मिलेगी नई दिशा
कृषि कार्यक्रमों के साथ मुख्यमंत्री ने कुनकुरी के सलियाटोली में 4.37 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 250 सीटर नालंदा परिसर का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परिसर जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। नालंदा परिसर में डिजिटल लाइब्रेरी, 24 घंटे अध्ययन सुविधा, वाई-फाई ज़ोन, आरएफआईडी आधारित प्रवेश प्रणाली, बायोमेट्रिक प्रबंधन, स्पोर्ट्स कोर्ट, कैफेटेरिया और सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने जिले की अभिनव शैक्षणिक पहल ‘जश लर्न’ का जिला स्तरीय शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की बुनियादी गणितीय दक्षता को मजबूत करने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। पहले फरसाबहार विकासखंड में सफल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित इस योजना को अब पूरे जिले में लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जशपुर को प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में शामिल किए जाने से जिले के कृषि विकास को नई गति मिलेगी। वहीं बगिया दाबयुक्त सिंचाई योजना के तहत 119 करोड़ रुपये की लागत से 14 गांवों में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना, युवाओं को बेहतर अवसर देना और ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।



