द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor के एक बयान ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात को लेकर थरूर की टिप्पणी के बाद भाजपा को कांग्रेस और विशेष रूप से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधने का मौका मिल गया है।
दरअसल, शशि थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी की उस पहल की सराहना की, जिसमें उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समक्ष भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा मजबूती से उठाया। थरूर ने कहा कि युद्ध या संघर्ष की स्थिति में वाणिज्यिक जहाजों पर कार्यरत नाविकों को किसी भी प्रकार से निशाना बनाना उचित नहीं है और प्रधानमंत्री ने इस विषय पर भारत की चिंता स्पष्ट रूप से अमेरिकी नेतृत्व के सामने रखी।
थरूर के इस बयान के सामने आते ही भाजपा ने कांग्रेस के भीतर विरोधाभासी रुख का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। भाजपा नेताओं का कहना है कि जहां कांग्रेस का एक वरिष्ठ नेता प्रधानमंत्री की कूटनीतिक पहल की सराहना कर रहा है, वहीं राहुल गांधी लगातार सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठा रहे हैं।
Shashi Tharoor के बयान के बाद भाजपा ने साधा राहुल गांधी पर निशाना, कहा- ‘सच्चाई सामने आ गई’
शशि थरूर के बयान के बाद भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस नेतृत्व पर हमला बोलते हुए कहा कि यह बयान राहुल गांधी के आरोपों की पोल खोलता है। उन्होंने कहा कि जब देश के राष्ट्रीय हितों की रक्षा की बात आती है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मजबूती से भारत का पक्ष रखते हैं।
भाजपा का दावा है कि जी-7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की चिंताओं को भी प्रभावी ढंग से रखा। पार्टी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस के भीतर से ही सरकार की विदेश नीति की सराहना होना इस बात का संकेत है कि विपक्ष के कई आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
नाविकों की सुरक्षा को लेकर Shashi Tharoor ने जताई चिंता
शशि थरूर ने अपने बयान में कहा कि भारतीय नाविक दुनिया के विभिन्न देशों के जहाजों पर कार्यरत हैं और किसी भी सैन्य या रणनीतिक कार्रवाई के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी देश को किसी जहाज पर संदेह है तो उसके लिए अन्य उपाय अपनाए जा सकते हैं, लेकिन निर्दोष नाविकों की जान जोखिम में डालना उचित नहीं माना जा सकता। गौरतलब है कि हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और समुद्री मार्गों पर हुई घटनाओं के कारण भारतीय नाविकों की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरी है। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई बातचीत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शशि थरूर का बयान आने वाले दिनों में कांग्रेस के भीतर विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा को और तेज कर सकता है। वहीं भाजपा इसे राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने में जुट गई है। ऐसे में एक साधारण टिप्पणी अब राष्ट्रीय राजनीति के बड़े विमर्श का हिस्सा बनती दिखाई दे रही है।




