द लोकतंत्र/ नई दिल्ली डेस्क : Kulgam Terror Attack जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद एक बार फिर सिर उठाता नजर आ रहा है। कुलगाम जिले के किल्लम इलाके में आतंकियों ने गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाते हुए फायरिंग कर दी। इस हमले में छत्तीसगढ़ के रहने वाले एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान दीपक के रूप में हुई है, जबकि घायल भूपेंद्र कुमार का अस्पताल में इलाज चल रहा है। दोनों मजदूरी के सिलसिले में जम्मू-कश्मीर में रह रहे थे।
हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) ने ली है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल इलाके की घेराबंदी कर हमलावरों की तलाश के लिए व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि आतंकियों ने गैर-स्थानीय लोगों को निशाना बनाकर क्षेत्र में भय का माहौल पैदा करने की कोशिश की है।
घटना ऐसे समय हुई है, जब हाल के दिनों में सुरक्षा बलों ने दक्षिण कश्मीर और जम्मू संभाग के कई इलाकों में आतंकियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर हथियारों और विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया है। इसके बावजूद आतंकियों ने मजदूरों को निशाना बनाकर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश की है।
Kulgam Terror Attack के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज
आतंकी हमले की सूचना मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंच गई। पूरे किल्लम क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है और जंगलों तथा आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों की तलाश के लिए आधुनिक निगरानी उपकरणों और खुफिया तंत्र की भी मदद ली जा रही है।
इससे पहले सुरक्षा बलों ने 30 जुलाई को राजौरी जिले के जंगलों में एक संयुक्त अभियान के दौरान आतंकियों के अस्थायी ठिकाने का भंडाफोड़ किया था। वहां से राशन, खाना पकाने के बर्तन और अन्य उपयोगी सामान बरामद किया गया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि आतंकवादी लंबे समय से इन ठिकानों का इस्तेमाल छिपने और हमलों की योजना बनाने के लिए कर रहे थे। वहीं, कुछ दिन पहले कुलगाम जिले के तंत्रिपोरा-सुरसनू क्षेत्र में कुलगाम पुलिस, 34 राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और सीआरपीएफ की 18वीं बटालियन ने संयुक्त अभियान चलाकर भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया था। सुरक्षा एजेंसियों का दावा था कि इस कार्रवाई से आतंकियों की बड़ी साजिश नाकाम हुई थी।
जम्मू-कश्मीर में लगातार चल रहा आतंकियों के खिलाफ अभियान
हाल के महीनों में जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों में सुरक्षा बलों ने आतंकवाद विरोधी अभियान और तेज कर दिए हैं। राजौरी, पुंछ, कुलगाम और थानामंडी जैसे संवेदनशील इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। कई स्थानों से आईईडी, एके-47 राइफलें, पिस्तौल, अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (UBGL), विस्फोटक सामग्री, मेडिकल किट और अन्य सैन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।
थानामंडी क्षेत्र में हाल ही में एक भूमिगत आतंकी ठिकाने से 10 अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर, क्षतिग्रस्त गोला-बारूद का बक्सा और मेडिकल सामग्री बरामद हुई थी। वहीं, मई में चलाए गए एक अभियान के दौरान गुफाओं और घनी झाड़ियों में छिपाकर रखे गए ऑटोमैटिक हथियारों और कई किलो विस्फोटक सामग्री को भी जब्त किया गया था।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लगातार कार्रवाई के कारण आतंकी संगठन दबाव में हैं और अब गैर-स्थानीय मजदूरों तथा आम नागरिकों को निशाना बनाकर भय का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल कुलगाम हमले के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और हमलावरों की तलाश के लिए संयुक्त अभियान लगातार जारी है।




