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Kolkata Road Rename: सड़क का नाम बदलने पर सियासी संग्राम, कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने

Kolkata Road Renaming: Political battle over renaming the road; Congress and BJP at loggerheads.

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : Kolkata Road Rename पश्चिम बंगाल में एक सड़क का नाम बदलने के फैसले को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कोलकाता नगर निगम (KMC) द्वारा शहर की प्रमुख सड़क सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड करने के निर्णय के बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। इस फैसले का स्वागत पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने किया, जबकि कांग्रेस नेताओं ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए बीजेपी पर इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया है।

सड़क के नाम परिवर्तन को लेकर शुरू हुई यह बहस अब राजनीतिक और ऐतिहासिक दोनों आयामों में चर्चा का विषय बन गई है। बीजेपी इसे ऐतिहासिक भूल को सुधारने वाला कदम बता रही है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि इस मुद्दे पर तथ्यात्मक भ्रम फैलाया जा रहा है।

Kolkata Road Rename: पवन खेड़ा और जयराम रमेश ने बीजेपी को घेरा

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को इतिहास की बुनियादी जानकारी तक नहीं है और वे हसन सुहरावर्दी तथा हुसैन शहीद सुहरावर्दी जैसे अलग-अलग व्यक्तियों के बीच का अंतर भी नहीं समझ पा रहे हैं। कांग्रेस नेता का आरोप है कि बीजेपी जानबूझकर ऐतिहासिक तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। पवन खेड़ा की टिप्पणी के बाद यह विवाद और तेज हो गया।

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिस हसन सुहरावर्दी के नाम पर सड़क का नाम रखा गया था, वे कलकत्ता विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित कुलपति रह चुके थे। जयराम रमेश ने याद दिलाया कि उनके बाद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति बने थे, जबकि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के पिता सर आशुतोष मुखर्जी भी इस पद पर रह चुके थे। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि राजनीतिक विज्ञान की पढ़ाई हर ऐतिहासिक तथ्य नहीं सिखाती, लेकिन इतिहास को समझने के लिए तथ्यों की जानकारी जरूरी होती है।

Kolkata Road Rename सड़क का नाम बदलने पर क्या बोले शुभेंदु अधिकारी?

कोलकाता नगर निगम के फैसले का समर्थन करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने इसे एक ऐतिहासिक सुधार बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह निर्णय न्यायपूर्ण और समयानुकूल है। उनके अनुसार वर्षों से शहर की एक महत्वपूर्ण सड़क ऐसे व्यक्ति के नाम पर थी, जिन पर राजनीतिक हितों के लिए सत्ता के दुरुपयोग और निर्दोष लोगों के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप लगाए जाते रहे हैं।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि नगर निगम का यह कदम ऐतिहासिक तथ्यों के पुनर्मूल्यांकन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जाना चाहिए। बीजेपी का तर्क है कि सार्वजनिक स्थलों और सड़कों के नाम ऐसे व्यक्तित्वों के नाम पर होने चाहिए जिनकी विरासत समाज के लिए प्रेरणादायक हो।

हालांकि कांग्रेस इस दावे से सहमत नहीं है और उसका कहना है कि सड़क का नाम बदलने के पीछे राजनीतिक उद्देश्य अधिक दिखाई देता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद केवल एक सड़क के नाम तक सीमित नहीं है, बल्कि इतिहास, पहचान और राजनीतिक विमर्श से जुड़ा व्यापक मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में इस विषय पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

यह भी पढ़ें – राज्यसभा नामांकन विवाद: Meenakshi Natarajan ने बीजेपी के आरोपों को बताया बेबुनियाद, लोकतंत्र पर उठाए सवाल

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