द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर निकाले गए मार्च के दौरान सोमवार (20 जुलाई) को प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई। प्रदर्शन के बीच CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। मुलाकात के बाद सौरव दास ने दावा किया कि सरकार की ओर से आगे बातचीत का आश्वासन दिया गया है।
दूसरी ओर, प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिए जाने और पुलिस कार्रवाई के दावे भी सामने आए। हालांकि, इन दावों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया खबर लिखे जाने तक सामने नहीं आई थी। यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था। इस दौरान जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनावपूर्ण स्थिति भी देखने को मिली।
जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद CJP ने बातचीत का जताया भरोसा
सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने और आशुतोष रांका ने करीब दो घंटे इंतजार करने के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से लगभग दस मिनट तक मुलाकात की। उनके अनुसार, इस दौरान संगठन की मांगों को लिखित रूप में सौंपा गया और मंत्री ने आगे बातचीत जारी रखने का आश्वासन दिया।
सौरव दास ने अपने पोस्ट में यह भी दावा किया कि इसी बीच विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की सूचनाएं मिल रही थीं। इसके अलावा उन्होंने एक अन्य पोस्ट में दावा किया कि अभिजीत दिपके को पुलिस ने हिरासत में लिया है। साथ ही उन्होंने विभिन्न सांसदों से छात्रों के समर्थन में आगे आने की भी अपील की। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और पुलिस की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है।
प्रियंका गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा की मांग उठाई, CJP प्रोटेस्ट को लेकर बल प्रयोग की निंदा की
प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संसद और सरकार को चर्चा के लिए आगे आना चाहिए। उनके अनुसार, यदि छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं तो सरकार को संवाद के माध्यम से समाधान तलाशना चाहिए। प्रियंका गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि यदि प्रदर्शनकारी छात्र हैं, तो उनके साथ बल प्रयोग की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में मौजूद समस्याओं पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए और सरकार को इस दिशा में सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
उधर, प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से विभिन्न दावे किए गए हैं। प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि CJP द्वारा सरकार को सौंपे गए मांगपत्र पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार तथा प्रदर्शनकारी पक्ष के बीच कोई औपचारिक वार्ता होती है या नहीं। वहीं, प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं और हिरासत से जुड़े दावों पर भी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार किया जा रहा है।




