द लोकतंत्र/ इरफान ख़ान : उत्तर प्रदेश के Chitrakoot जिले के राजापुर थाना क्षेत्र में एक संविदा बिजली लाइनमैन का शव पेड़ से लटका मिलने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान शिवशंकर शुक्ला (26) के रूप में हुई है, जो सरधुआ बिजली उपकेंद्र में संविदा लाइनमैन के पद पर कार्यरत थे। पुलिस प्रथम दृष्टया आत्महत्या मानकर मामले की जांच कर रही है, जबकि परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
घटना राजापुर थाना क्षेत्र के भटरी गांव स्थित नंदूपुरवा की है। परिजनों के अनुसार, शिवशंकर शुक्रवार रात ड्यूटी से घर लौटे थे। कुछ देर बाद वह घर से बाहर जाने की बात कहकर निकले, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद परिवार के लोगों ने गांव और आसपास के इलाकों में उनकी तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका।
शनिवार सुबह राहगीरों ने गांव के बाहर एक पेड़ पर युवक का शव लटका होने की सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान शिवशंकर शुक्ला के रूप में की। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए नीचे उतारने की तैयारी के दौरान परिजनों ने विरोध जताया और पहले निष्पक्ष जांच तथा कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों के आश्वासन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
Chitrakoot: परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप, वायरल ऑडियो को बताया मानसिक दबाव का कारण
मृतक के पिता राजेश कुमार शुक्ला ने आरोप लगाया कि सरधुआ थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक ने उनके बेटे को फोन पर धमकाया था। उनका दावा है कि सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति, जिसे उपनिरीक्षक बताया जा रहा है, शिवशंकर को जेल भेजने और गिरफ्तार करने की धमकी देता सुनाई दे रहा है।
हालांकि, वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और इसकी प्रामाणिकता की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है। परिजनों का आरोप है कि यदि ऑडियो वास्तविक है, तो कथित धमकी के कारण शिवशंकर मानसिक दबाव में थे। परिवार ने आशंका जताई है कि या तो मानसिक प्रताड़ना के चलते उन्होंने आत्महत्या की, या फिर उनकी हत्या कर शव को पेड़ से लटका दिया गया। इन आरोपों के आधार पर उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को लिखित तहरीर दी है।
Chitrakoot पुलिस ने निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
घटना की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक पीयूष कांत राय, क्षेत्राधिकारी मऊ फहद अली, राजापुर थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों और वायरल ऑडियो की भी जांच की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार करने की बात कही है। वहीं इस घटना ने स्थानीय लोगों में भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला आत्महत्या का है या किसी अन्य आपराधिक घटना से जुड़ा हुआ है।


