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Sonam Wangchuk Fast: पत्नी ने अनशन खत्म करने की रखी शर्त, शिक्षा में जवाबदेही पर संसद में चर्चा का मांगा भरोसा

Sonam Wangchuk's Fast: Wife sets condition for ending the hunger strike; seeks assurance of a parliamentary discussion on accountability in education.

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं। इस बीच उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने संकेत दिया है कि यदि राजनीतिक दल शिक्षा से जुड़े मुद्दों को संसद के आगामी मानसून सत्र में उठाने का सार्वजनिक भरोसा देते हैं, तो सोनम वांगचुक अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद अस्पताल में सोनम वांगचुक से मुलाकात कर लौटने पर गीतांजलि आंग्मो ने मीडिया और जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने बताया कि उन्होंने वांगचुक को किसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित कराने का प्रयास किया था, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल उनकी स्वास्थ्य स्थिति स्थिर बनी हुई है।

यह आंदोलन शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहा है। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने संसद मार्च को लेकर स्पष्ट किया है कि इस संबंध में कोई अनुमति न मांगी गई है और न ही कोई अनुमति दी गई है। साथ ही संबंधित क्षेत्र में लागू कानूनी प्रावधानों का पालन करने की बात भी कही गई है।

पत्नी ने आंदोलनकारियों को सुनाया Sonam Wangchuk का संदेश

गीतांजलि आंग्मो ने जंतर-मंतर पर मौजूद समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक चाहते हैं कि प्रस्तावित मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से निकाला जाए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि आंदोलन की मूल भावना को बनाए रखें और इसे किसी भी प्रकार के राजनीतिक या अन्य गलत उद्देश्य के लिए इस्तेमाल न होने दें।

उन्होंने कहा कि यदि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता व्यक्तिगत रूप से सोनम वांगचुक से मिलकर यह आश्वासन देते हैं कि वे संसद के मानसून सत्र में शिक्षा में जवाबदेही और सुधार से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे, तो वह अपना अनशन समाप्त करने पर विचार करेंगे। आंग्मो के इस बयान के बाद अब निगाहें राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। हालांकि खबर लिखे जाने तक इस प्रस्ताव पर किसी प्रमुख राजनीतिक दल की ओर से औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

डॉक्टरों ने बताया Sonam Wangchuk का स्वास्थ्य स्थिर, लेकिन लगातार निगरानी जरूरी

सफदरजंग अस्पताल के मेडिसिन विभाग की प्रमुख डॉ. प्रो. मनीषा ठाकुर ने सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वे अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती हैं और उनके जरूरी स्वास्थ्य मानक फिलहाल स्थिर हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दिन की तुलना में उनके रक्त संबंधी कुछ मानकों में सुधार दर्ज किया गया है, लेकिन लंबा उपवास शरीर पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।

डॉ. ठाकुर के अनुसार, वांगचुक की देखभाल के लिए सफदरजंग अस्पताल और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) दिल्ली के विशेषज्ञों की संयुक्त बहु-विषयक (मल्टी-डिसिप्लिनरी) टीम लगातार निगरानी कर रही है। उनका कहना है कि लंबे समय तक उपवास करने से शरीर पर तनाव बढ़ता है और कई चिकित्सकीय जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में चौबीसों घंटे निगरानी आवश्यक है, ताकि किसी भी संभावित समस्या का समय रहते पता लगाकर तुरंत उपचार किया जा सके।

फिलहाल सोनम वांगचुक अस्पताल में चिकित्सकीय देखरेख में हैं और उनके आंदोलन को लेकर आगे की स्थिति राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया तथा उनके स्वास्थ्य में होने वाले बदलाव पर निर्भर करेगी। वहीं जंतर-मंतर पर मौजूद समर्थक शिक्षा सुधार और जवाबदेही की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखे हुए हैं।

यह भी पढ़ें – Chhattisgarh CM Helpline 1076: एक महीने में 42,653 शिकायतों का समाधान, मुख्यमंत्री साय बोले- त्वरित और पारदर्शी व्यवस्था हमारी प्राथमिकता

Team The Loktantra

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