द लोकतंत्र/ छत्तीसगढ़ : महासमुंद जिले के सरायपाली में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से एक विशेष जनजागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। थाना सरायपाली परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में महासमुंद पुलिस और सरायपाली व्यापारी महासंघ ने संयुक्त रूप से करीब 100 लोगों को निःशुल्क हेलमेट वितरित किए। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना था कि हेलमेट केवल कानूनी अनिवार्यता नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का सबसे प्रभावी साधन है।
कार्यक्रम का नेतृत्व अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) ललिता मेहर ने किया। इस दौरान व्यापारी महासंघ के पदाधिकारी, पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, पत्रकार और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। आयोजन के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों के पालन, सुरक्षित वाहन संचालन और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया गया।
दुर्घटनाओं से प्रभावित परिवारों ने साझा किए अनुभव, सड़क सुरक्षा का दिया संदेश
कार्यक्रम की सबसे भावुक और प्रेरणादायक पहल यह रही कि सड़क दुर्घटनाओं में अपने परिजनों को खो चुके परिवारों के सदस्यों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सड़क पर छोटी-सी लापरवाही भी पूरे परिवार की खुशियां छीन सकती है। इन अनुभवों के माध्यम से उपस्थित लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति अधिक संवेदनशील बनाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने गंभीरता से इन बातों को सुना और सुरक्षित यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प भी लिया।
एसडीओपी ललिता मेहर ने कहा कि हेलमेट केवल चालान से बचने का साधन नहीं है, बल्कि यह जीवन बचाने वाला सुरक्षा कवच है। उन्होंने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं में सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण लोगों की मृत्यु होती है, जबकि गुणवत्तापूर्ण हेलमेट पहनने से ऐसी दुर्घटनाओं में गंभीर चोट और मृत्यु का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।
करीब 100 लोगों को मिले हेलमेट, यातायात नियमों के पालन की दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम के दौरान दोपहिया वाहन चालकों को निःशुल्क हेलमेट वितरित किए गए और उन्हें हर यात्रा के दौरान हेलमेट पहनने की शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों ने लोगों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने, शराब पीकर वाहन नहीं चलाने और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग न करने की अपील की। सरायपाली व्यापारी महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम में मौजूद पत्रकारों को भी सड़क सुरक्षा जागरूकता फैलाने में उनके योगदान के लिए हेलमेट भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजकों का मानना है कि मीडिया के माध्यम से सड़क सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे स्वयं हमेशा हेलमेट पहनेंगे, यातायात नियमों का पालन करेंगे और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी सुरक्षित वाहन चलाने के लिए प्रेरित करेंगे। महासमुंद पुलिस और सरायपाली व्यापारी महासंघ की यह संयुक्त पहल सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक उदाहरण मानी जा रही है, जो लोगों को जिम्मेदार यातायात व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।




