द लोकतंत्र/ पटना : बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने पटना स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचकर हालिया गोलीबारी की घटना में घायल हुए छात्रों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि गिरफ्तार छात्रों को जल्द रिहा नहीं किया गया और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पूरे बिहार में आंदोलन शुरू करेगा।
तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि घटना में घायल हुए छात्र निर्दोष हैं और उन्हें न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा करनी चाहिए और यदि कार्रवाई नहीं हुई तो विपक्ष राज्यव्यापी आंदोलन करेगा। हालांकि, तेजस्वी यादव द्वारा लगाए गए आरोपों पर राज्य सरकार की ओर से इस खबर के लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उन्होंने यह भी कहा कि घटना में घायल हुए छात्रों की हालत देखकर वे भावुक हो गए। उनके अनुसार, घायलों में एक छात्र सेना की भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहा है और उसके पैर में गोली लगी है। तेजस्वी ने दावा किया कि घायल होने के बावजूद उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
Tejashwi Yadav ने सम्राट चौधरी पर लगाए गंभीर आरोप, कार्रवाई की मांग
मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए और उन्हें रिहा नहीं किया गया, तो इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। उन्होंने दावा किया कि कई छात्रों पर भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री से अस्पताल जाकर घायल छात्रों से मिलने की भी मांग की। उनका कहना था कि सरकार को घटनास्थल और अस्पताल दोनों जगह जाकर पीड़ितों की स्थिति समझनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने पुलिस प्रशासन से भी कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष कार्रवाई करने की अपील की। तेजस्वी ने कहा कि पुलिस को किसी राजनीतिक दबाव में काम नहीं करना चाहिए और केवल तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए।
घायलों का जिक्र कर सरकार पर साधा निशाना, जांच और जवाबदेही की उठाई मांग
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि घायल हुए लोगों में ऐसे युवा भी शामिल हैं जिनका घटना से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक युवक प्रमाण पत्र बनवाने गया था, दूसरा कथित तौर पर अपना जन्मदिन मनाने के लिए बाजार गया था, जबकि एक अन्य युवक दुकान पर काम करता था। उनके अनुसार, इन सभी को गोली लगने की घटना बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
राजद नेता ने आरोप लगाया कि यदि निर्दोष लोगों को इस तरह नुकसान पहुंचा है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने छात्रों की रिहाई और मुकदमों की वापसी को लेकर कोई कदम नहीं उठाया, तो राजद पूरे बिहार में आंदोलन करेगा। फिलहाल, इस पूरे मामले में तेजस्वी यादव ने जो आरोप लगाए हैं, वे उनके राजनीतिक बयान हैं। सरकार और पुलिस की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है। वहीं, गोलीबारी की घटना और उससे जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। अब सभी की नजर राज्य सरकार के अगले कदम, पुलिस जांच की प्रगति और विपक्ष द्वारा घोषित संभावित आंदोलन पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में इस मामले पर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।




