द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने शनिवार को NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने कहा कि किसी भी माता-पिता के लिए अपने बच्चे को खोने का दर्द सबसे बड़ा होता है और यह केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर खड़े होते गंभीर सवालों का प्रतीक है।
राहुल गांधी ने मुलाकात की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें वे छात्रों और उनके परिजनों से बातचीत करते नजर आए। उन्होंने लिखा कि पेपर लीक, परीक्षाओं का रद्द होना और वर्षों की मेहनत का एक पल में खत्म हो जाना लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उनके अनुसार, छात्रों से ईमानदारी से मेहनत करने की अपेक्षा की जाती है, लेकिन जिस व्यवस्था पर वे भरोसा करते हैं, वही उनके साथ न्याय नहीं कर पा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों को माफ करने की बात करना पर्याप्त नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि यदि किसी से माफी मांगने की जरूरत है तो वह देश के छात्र और उनके परिवार हैं, जिनके सपने परीक्षा प्रणाली की खामियों के कारण टूटे हैं।
‘माता-पिता के आंसू सबसे बड़ा दर्द’, शिक्षा व्यवस्था पर Rahul Gandhi ने उठाए सवाल
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा कि किसी भी माता-पिता को अपने बच्चे के दुख में देखना सबसे पीड़ादायक अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनके जीवन में यह पीड़ा कभी समाप्त नहीं होगी। उनके अनुसार, यह केवल व्यक्तिगत त्रासदी नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था में मौजूद कमियों का गंभीर संकेत भी है। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, परीक्षाओं के रद्द होने और छात्रों की वर्षों की मेहनत के बेकार हो जाने से युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। राहुल गांधी ने लिखा कि एक ओर छात्रों से पूरी ईमानदारी के साथ पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने की अपेक्षा की जाती है, जबकि दूसरी ओर व्यवस्था स्वयं पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में विफल दिखाई देती है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को लेकर जो संदेश दिया, उसमें माफी की बात कही गई, लेकिन वे अब तक किसी भी ऐसे परिवार से मिलने नहीं पहुंचे, जिसने अपने बच्चे को खोया हो या जिनका भविष्य परीक्षा अनियमितताओं की वजह से प्रभावित हुआ हो। राहुल गांधी ने कहा कि देश के छात्रों को सरकार की सहानुभूति नहीं, बल्कि जवाबदेही और न्याय चाहिए।
Rahul Gandhi ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर FIR को लेकर भी सरकार पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने अपने बयान में छात्र आंदोलन का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले छात्रों पर बल प्रयोग किया गया और अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट बंद कराने जैसे आरोप भी लगाए।
राहुल गांधी ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी को डराकर या दबाव बनाकर चुप नहीं कराया जा सकता। उन्होंने लिखा कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में है और सरकार को उनके साथ संवेदनशील व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि छात्रों की आवाज सुनने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि देश के लाखों छात्र केवल निष्पक्ष परीक्षा और समान अवसर चाहते हैं। उनका मानना है कि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए सरकार को जवाबदेही तय करनी होगी और ऐसे कदम उठाने होंगे, जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।




