द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : मध्य पूर्व (Middle East) में एक बार फिर तनाव तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। क्षेत्र में बदलते सुरक्षा हालात के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई अलर्ट जारी करते हुए उन्हें सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर तुरंत क्षेत्र छोड़ने की तैयारी रखने की सलाह दी है। जॉर्डन, इज़राइल और इराक स्थित अमेरिकी दूतावासों ने अलग-अलग सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर कहा है कि मौजूदा हालात कभी भी गंभीर रूप ले सकते हैं, इसलिए अमेरिकी नागरिक अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
अमेरिकी दूतावासों की ओर से जारी चेतावनी में कहा गया है कि मिडिल ईस्ट में रह रहे अमेरिकी नागरिक यदि संभव हो तो क्षेत्र छोड़ने पर विचार करें। यदि फिलहाल यात्रा संभव नहीं है, तो वे ऐसी स्थिति के लिए तैयार रहें जिसमें अचानक निकासी की आवश्यकता पड़ सकती है। दूतावासों ने उड़ानों की स्थिति पर लगातार नजर रखने, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और सुरक्षा संबंधी अपडेट नियमित रूप से प्राप्त करने की अपील की है। यह एडवाइजरी ऐसे समय जारी की गई है जब क्षेत्र में ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच तनाव फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हाल के घटनाक्रमों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता भी बढ़ा दी है।
Middle East को लेकर अमेरिकी दूतावासों की एडवाइजरी में क्या कहा गया?
अमेरिका के अम्मान (जॉर्डन), यरुशलम (इज़राइल) और बगदाद (इराक) स्थित दूतावासों ने नागरिकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। सुरक्षा अलर्ट में कहा गया है कि क्षेत्र में हालात तेजी से बदल सकते हैं, जिसके चलते उड़ानें रद्द होने, हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद होने और यात्रा में गंभीर बाधाएं आने की आशंका है। जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को विशेष रूप से उन इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है, जहां हाल के समय में ईरानी मिसाइल हमलों का असर देखा गया था। वहीं इज़राइल में रह रहे अमेरिकियों से कहा गया है कि वे अपने निकटतम बम शेल्टर की जानकारी पहले से सुनिश्चित कर लें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का तत्काल पालन करें।
यरुशलम स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपनी एडवाइजरी में कहा कि ईरानी शासन का व्यवहार अप्रत्याशित माना जा रहा है। हाल के दिनों में ऐसे क्षेत्रों को भी निशाना बनाया गया है, जिन्हें पहले अपेक्षाकृत सुरक्षित समझा जाता था। इसी कारण नागरिकों को किसी भी संभावित आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
ड्रोन हमले और ईरान की चेतावनी से बढ़ी चिंता
मध्य पूर्व में तनाव उस समय और बढ़ गया जब मिस्र के एक बंदरगाह पर खड़े अमेरिका के स्वामित्व वाले गैस पोत पर ड्रोन हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई। मिस्र की एजेंसियां इस घटना की जांच कर रही हैं, हालांकि अब तक किसी संगठन या देश की आधिकारिक रूप से जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। दूसरी ओर, ईरान की सेना ने अमेरिका पर क्षेत्र में तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया है। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जो भी देश अमेरिका का समर्थन करेगा या उसकी सुरक्षा ढाल बनेगा, वह संभावित संघर्ष की चपेट में आ सकता है। इस बयान के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
गौरतलब है कि फरवरी में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों के बाद क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों का सिलसिला शुरू हुआ था। हालांकि हाल के दिनों में कुछ समय के लिए हमलों में कमी आई थी, लेकिन अब एक बार फिर तनाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में अमेरिका ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयासों के साथ-साथ सुरक्षा गतिविधियां भी तेज रह सकती हैं। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्षेत्र में तनाव कम होता है या घटनाक्रम किसी बड़े सैन्य टकराव की ओर बढ़ता है।




