द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता Shahzad Poonawalla ने पार्टी से अलग होने के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेतृत्व पर खुलकर हमला बोला है। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह ‘अच्छे तानाशाह भी नहीं बन पाए।’ पूनावाला ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने विरोध करने वाले युवाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें माफ कर दिया, जिससे यह साबित होता है कि उन्हें “तानाशाह” कहना सही नहीं है।
इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में शहजाद पूनावाला ने हाल के छात्र आंदोलनों, प्रधानमंत्री के संदेश और विपक्ष की राजनीति को लेकर कई टिप्पणियां कीं। उन्होंने अपने बयान में कांग्रेस, राहुल गांधी और नेहरू-गांधी परिवार का भी उल्लेख किया और आपातकाल से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों का हवाला देते हुए राजनीतिक निशाना साधा।
PM मोदी के वीडियो पर Shahzad Poonawalla का तंज, बोले- ’12 साल में तानाशाह बनना भी नहीं सीख पाए’
शहजाद पूनावाला ने अपने वीडियो में कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ‘पूरी तरह निराश’ हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि 12 वर्षों के लंबे कार्यकाल के बावजूद प्रधानमंत्री “तानाशाह” नहीं बन पाए। उनके मुताबिक, यदि कोई नेता तानाशाही की राह पर चलता तो विरोध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करता, लेकिन प्रधानमंत्री ने हाल ही में छात्रों को संबोधित अपने वीडियो में उन्हें ‘शरारती बच्चे’ बताते हुए माफ करने की बात कही।
पूनावाला का यह बयान प्रधानमंत्री मोदी के उस वीडियो के संदर्भ में आया, जिसे उन्होंने 31 जुलाई को सोशल मीडिया पर साझा किया था। वीडियो में प्रधानमंत्री ने हाल के छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान उनके खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाले युवाओं को क्षमा करने की बात कही थी। इसी मुद्दे को आधार बनाते हुए पूनावाला ने कहा कि प्रधानमंत्री का रवैया उनके आलोचकों द्वारा लगाए जाने वाले ‘तानाशाह’ के आरोपों से मेल नहीं खाता। उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि किसी लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति का जवाब संवाद से दिया जाना चाहिए और प्रधानमंत्री का यह कदम उसी दिशा में देखा जा सकता है, हालांकि उन्होंने इसे राजनीतिक व्यंग्य के रूप में प्रस्तुत किया।
Shahzad Poonawalla ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर भी साधा निशाना, आपातकाल का किया जिक्र
प्रधानमंत्री के अलावा शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और नेहरू-गांधी परिवार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि किसी को ‘तानाशाही’ का उदाहरण देखना है तो उसे देश के आपातकाल के इतिहास की ओर देखना चाहिए। पूनावाला ने इंदिरा गांधी के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि वास्तविक आपातकाल और सत्ता के केंद्रीकरण की मिसाल वहीं देखने को मिलती है।
उन्होंने 2011-12 के अन्ना हजारे आंदोलन का भी जिक्र किया और दावा किया कि उस दौर में आंदोलनकारियों के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, वह लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़े करता है। इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस शासित राज्यों में छात्र आंदोलनों के दौरान दर्ज मामलों का हवाला देते हुए विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
अपने वीडियो के अंत में शहजाद पूनावाला ने एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी पर व्यंग्य करते हुए कहा कि वह ‘तानाशाह बनने में भी असफल रहे हैं’, क्योंकि उन्होंने विरोध करने वालों को सजा देने के बजाय माफ करने का रास्ता चुना। पूनावाला के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है। हालांकि, उनके आरोपों और टिप्पणियों पर प्रधानमंत्री कार्यालय या भारतीय जनता पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।




