द लोकतंत्र/ आज़मगढ़/ पूजा सिंह : उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत बुधवार (5 अगस्त 2026) को Azamgarh के हरिऔध कला केन्द्र में एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना, सरकारी योजनाओं की जानकारी देना और बैंकिंग प्रणाली से जोड़कर उद्यम स्थापना के लिए प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और युवाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
कार्यशाला में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई), पॉलिटेक्निक, महाविद्यालयों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं के साथ विभिन्न बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधक और बैंक प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान युवाओं को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, ऋण स्वीकृति और उद्यम स्थापना से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान प्रदेश सरकार की ऐसी योजना है, जिसका उद्देश्य युवाओं को नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाला उद्यमी बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार पात्र युवाओं को बिना गारंटी और ब्याज मुक्त 5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करा रही है, ताकि वे अपने व्यवसाय की शुरुआत कर सकें और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
‘पात्र युवाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से मिले ऋण’
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने बैंक अधिकारियों से अपील की कि योजना के तहत पात्रता पूरी करने वाले युवाओं के आवेदन पत्रों का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन आवेदनों को स्वीकृति मिल चुकी है, उनका ऋण वितरण भी बिना अनावश्यक देरी के सुनिश्चित किया जाए, ताकि युवा जल्द से जल्द अपना उद्यम शुरू कर सकें।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे अधिक से अधिक पात्र युवा इस योजना से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर ऋण वितरण के निर्धारित लक्ष्य को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए और प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं। जिलाधिकारी ने युवाओं से भी अपील की कि वे योजना के तहत प्राप्त ऋण का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए करें, जिसके लिए उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि यदि युवा ईमानदारी और योजनाबद्ध तरीके से अपना व्यवसाय शुरू करेंगे तो वे न केवल खुद आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करेंगे।
स्वरोजगार योजनाओं की दी जानकारी, बैंक प्रतिनिधियों ने दूर किए युवाओं के सवाल
कार्यशाला में उपायुक्त उद्योग आशुतोष श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने योजना की पात्रता, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, बैंकिंग औपचारिकताओं, ऋण स्वीकृति और विभागीय सहयोग से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर स्वयं का उद्योग, सेवा या व्यवसाय शुरू करें। इस दौरान विभिन्न बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधकों और बैंक प्रतिनिधियों ने भी युवाओं को ऋण वितरण प्रक्रिया, दस्तावेजों की आवश्यकता और बैंकिंग नियमों की जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों के सवालों के जवाब देते हुए उन्हें स्वरोजगार शुरू करने के लिए आवश्यक वित्तीय प्रक्रियाओं से अवगत कराया।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अलावा केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा संचालित अन्य स्वरोजगार योजनाओं का भी युवाओं को लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग के माध्यम से युवा अपने कौशल के अनुरूप उद्योग स्थापित कर सकते हैं और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम में सहायक आयुक्त उद्योग प्रभात रंजन, एलडीएम यूबीआई अभिषेक द्विवेदी, विभिन्न बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधक, बैंक प्रतिनिधि, उद्योग विभाग के अधिकारी, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।




