द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : Parliament Monsoon Session 2026 को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। अटकलें लगाई जा रही थीं कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन (Delimitation) विधेयक जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए मौजूदा मानसून सत्र की अवधि बढ़ा सकती है। इसके अलावा यह भी कहा जा रहा था कि स्वतंत्रता दिवस के बाद 16 से 18 अगस्त के बीच संसद का विशेष सत्र (Special Session) बुलाया जा सकता है। हालांकि, अब केंद्र सरकार ने इन सभी चर्चाओं पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि फिलहाल न तो मानसून सत्र की अवधि बढ़ाने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास है और न ही महिला आरक्षण एवं परिसीमन विधेयक पर चर्चा के लिए किसी विशेष सत्र की योजना बनाई गई है। सरकार के इस बयान के बाद संसद के विशेष सत्र को लेकर चल रही सभी अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है।
Parliament Monsoon Session 2026: केंद्र सरकार ने विशेष सत्र की अटकलों को किया खारिज
संसद के मानसून सत्र की अवधि बढ़ाने और विशेष सत्र बुलाने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि सरकार के सामने ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान मानसून सत्र अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही चलेगा और इसे आगे बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।
रिजिजू ने यह भी साफ किया कि महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक पर चर्चा के लिए 16 से 18 अगस्त 2026 के बीच विशेष सत्र बुलाए जाने की खबरें पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज थी कि सरकार इन दोनों महत्वपूर्ण विधेयकों पर व्यापक चर्चा के लिए संसद का अतिरिक्त सत्र बुला सकती है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री के बयान के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव मौजूद नहीं है।
13 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र, अब तक छह अहम विधेयक हुए पारित
संसद का मानसून सत्र इस वर्ष 20 जुलाई 2026 से शुरू हुआ था और इसका समापन 13 अगस्त 2026 को प्रस्तावित है। बुधवार (5 अगस्त) तक सत्र के 17 दिन पूरे हो चुके हैं। हालांकि, इस दौरान विपक्ष के लगातार विरोध और हंगामे के कारण कई बार लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बाधित हुई और सदनों को बार-बार स्थगित करना पड़ा।
इसके बावजूद संसद ने अब तक कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित किया है। इनमें एंटी पेपर लीक विधेयक, वंदे मातरम् सम्मान विधेयक, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विकास संशोधन विधेयक तथा सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से संबंधित संशोधन विधेयक समेत कुल छह प्रमुख बिल शामिल हैं। संसद के शेष दिनों में भी सरकार कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को पूरा करने की कोशिश करेगी। वहीं विपक्ष विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति पर कायम है। ऐसे में मानसून सत्र के अंतिम दिनों में भी संसद में राजनीतिक टकराव और तीखी बहस जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।



