द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi के प्रयागराज में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि वह वास्तव में छात्रों की समस्याओं को लेकर गंभीर हैं तो उन्हें प्रयागराज के बजाय झारखंड की राजधानी रांची जाना चाहिए था, जहां छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं।
प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने युवाओं के रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश के युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजगार की है। उनका कहना था कि लाखों छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वर्षों मेहनत करते हैं और परिवार अपनी बचत खर्च करता है, लेकिन डिग्री मिलने के बाद भी रोजगार की गारंटी नहीं होती।
रोजगार और भर्ती परीक्षाओं को लेकर Rahul Gandhi का केंद्र सरकार पर हमला
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में दावा किया कि देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, संस्थानों और नौकरशाही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े लोगों की नियुक्तियां बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत के लगभग 40 करोड़ युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि एक हजार युवाओं में केवल 12 युवाओं को ही स्थायी नौकरी मिल पाती है, जो रोजगार की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
कांग्रेस नेता ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
रांची छात्र आंदोलन पर बढ़ी सियासत, Rahul Gandhi ने फोन पर की प्रदर्शनकारियों से बात
राहुल गांधी के बयान के बाद बीजेपी ने उन पर पलटवार किया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि झारखंड में कांग्रेस गठबंधन की सरकार है और वहां छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में राहुल गांधी को प्रयागराज के बजाय रांची जाकर छात्रों से मिलना चाहिए था। हालांकि राहुल गांधी ने रांची में आंदोलन कर रहे छात्रों से फोन पर बातचीत की। छात्र नेता रविंद्र पासवान के मुताबिक, राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से उनकी मांगों की सूची मंगाई और आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे पर राज्य सरकार से चर्चा करेंगे।
गौरतलब है कि झारखंड में छात्र 29 जुलाई से JPSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा की सीबीआई जांच, परीक्षा प्रणाली में सुधार और कथित गड़बड़ियों की ईडी जांच की भी मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर राज्य की राजनीति भी गरमा गई है और कांग्रेस तथा बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।




