द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : देश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए केंद्र सरकार ने पोस्ट ग्रेजुएट (PG) मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने लोकसभा में घोषणा की कि अगले चार वर्षों में देशभर में 5,000 अतिरिक्त PG Medical Seats जोड़ी जाएंगी। सरकार का उद्देश्य मेडिकल शिक्षा का विस्तार करना, विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाना है।
फिलहाल देश में 86,360 पीजी मेडिकल सीटें उपलब्ध हैं। सरकार की नई योजना के तहत वर्ष 2025-26 से 2028-29 के बीच चरणबद्ध तरीके से नई सीटें जोड़ी जाएंगी। ये सीटें मौजूदा सरकारी मेडिकल कॉलेजों, पोस्ट ग्रेजुएट संस्थानों और सरकारी अस्पतालों को सुदृढ़ करने की योजना के तहत बढ़ाई जाएंगी। इसके साथ ही प्रति पीजी सीट वित्तीय सहायता की अधिकतम सीमा भी बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये कर दी गई है, जिससे मेडिकल संस्थानों को आवश्यक संसाधन विकसित करने में मदद मिलेगी।
इन राज्यों में सबसे ज्यादा PG Medical Seats, निजी कॉलेजों की बड़ी हिस्सेदारी
सरकार की ओर से जारी 2026-27 के आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक देश में सबसे अधिक पीजी मेडिकल सीटों वाला राज्य है। यहां कुल 10,092 सीटें हैं, जिनमें 2,805 सरकारी और 7,287 निजी मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध हैं। इसके बाद महाराष्ट्र में 9,216, तमिलनाडु में 8,023, उत्तर प्रदेश में 7,437, तेलंगाना में 5,248 और आंध्र प्रदेश में 4,782 पीजी मेडिकल सीटें हैं। आंकड़ों से यह भी स्पष्ट होता है कि जिन राज्यों में निजी मेडिकल कॉलेजों की संख्या अधिक है, वहां पीजी मेडिकल सीटों की उपलब्धता भी अपेक्षाकृत ज्यादा है।
सरकार का मानना है कि नई सीटों के जुड़ने से छात्रों को विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे और स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित डॉक्टरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी।
NMC के नए मानकों के तहत मिलेगी मंजूरी, PG Medical Seats स्वीकृति में भी आई तेजी
पीजी मेडिकल सीटों का विस्तार नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशन-2023 और पोस्ट ग्रेजुएट मिनिमम स्टैंडर्ड रिक्वायरमेंट-2024 के तहत किया जाएगा। नए पीजी कोर्स या अतिरिक्त सीटों के लिए आवेदन करने वाले मेडिकल कॉलेजों को फैकल्टी, अस्पताल की सुविधाएं, क्लीनिकल सामग्री और आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े सभी मानकों को पूरा करना होगा। इन्हीं मानकों के आधार पर नई सीटों और कोर्सों को मंजूरी मिलेगी। इसके साथ ही नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) भी पीजी मेडिकल शिक्षा के विस्तार के लिए नए कोर्स शुरू करने और जॉइंट एक्रिडिटेशन स्कीम लागू करने की दिशा में काम कर रहा है।
सरकार ने यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में पीजी सीटों की स्वीकृति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2014-15 में जहां NMC ने केवल 415 और NBEMS ने 612 पीजी सीटों को मंजूरी दी थी, वहीं 2025-26 में NMC ने 9,084 और NBEMS ने 2,009 सीटों को स्वीकृति दी। यह वृद्धि देश में मेडिकल शिक्षा के तेजी से विस्तार और स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में सरकार के प्रयासों को दर्शाती है।




