द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ (Nepal Flood 2026) ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। तिब्बत से सटे नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार को भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद कई इलाकों में पानी तेजी से फैल गया। इस प्राकृतिक आपदा में बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 400 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें कम से कम 105 भारतीय नागरिक शामिल हैं। वहीं, 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नदी के आसपास बसे इलाकों में घरों, वाहनों और अन्य संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ के पानी के तेज बहाव में कई वाहन और दूसरी चीजें बहती नजर आईं। इसके अलावा करीब एक दर्जन हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स के भी क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है।
आपदा की जानकारी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने बाढ़ से हुई जान-माल की क्षति पर दुख जताते हुए नेपाल को हर संभव मानवीय और राहत सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में भारत के लोग नेपाल के अपने भाइयों और बहनों के साथ खड़े हैं।
Nepal Flood 2026: नेपाल में फंसे भारतीयों की मदद के लिए दूतावास सक्रिय
नेपाल में आपदा के बाद भारतीय दूतावास ने भी राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, नेपाल में प्रभावित भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए भारतीय दूतावास नेपाल सरकार के संबंधित अधिकारियों के लगातार संपर्क में है।
भारतीय दूतावास की ओर से प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों की मदद के लिए इमरजेंसी नंबर भी जारी किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क किया जा सकता है। इन दोनों नंबरों पर WhatsApp के जरिए भी सहायता ली जा सकती है।
उधर, नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी प्रशासन अलर्ट हो गया है। बिहार और उत्तर प्रदेश के नेपाल सीमा से लगे जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली और सीमा से लगे क्षेत्रों में हालात पर नजर रखने को कहा। फिलहाल नेपाल में बचाव और राहत अभियान जारी है। लापता लोगों की तलाश के साथ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। बाढ़ से हुए नुकसान और लापता लोगों की संख्या को लेकर आगे की जानकारी राहत एवं बचाव अभियान के साथ स्पष्ट होने की उम्मीद है।




