द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री Chirag Paswan ने बुधवार, 26 अगस्त 2026 को पार्टी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया। आगामी दिनों में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन में बड़ा फेरबदल किया गया है। नई कार्यकारिणी के जरिए पार्टी ने संगठन को चुनावी चुनौतियों के लिए तैयार करने और जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने पर जोर दिया है।
नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की खास बात यह है कि इसमें कई नए और अपेक्षाकृत युवा चेहरों को अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। पार्टी नेतृत्व ने संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भरोसा जताते हुए उन्हें अलग-अलग पदों की जिम्मेदारी सौंपी है।
नई सूची के अनुसार सुरेंद्र विवेक को LJP (रामविलास) का बिहार प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, राजू तिवारी को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। सांसद शांभवी चौधरी को पार्टी के राष्ट्रीय छात्र प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा एमएलसी अशरफ अंसारी और धीरेंद्र कुमार मुन्ना को भी राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
Chirag Paswan ने कहा- पद नहीं, जिम्मेदारी है
नई कार्यकारिणी के गठन के बाद चिराग पासवान ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी में दिया गया कोई भी पद केवल सम्मान नहीं बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का निर्देश दिया। पार्टी की ओर से जारी संदेश में कहा गया कि नई टीम से संगठन को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने की उम्मीद है। साथ ही पदाधिकारियों से लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान के विचारों और चिराग पासवान के विजन को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई है।
नई कार्यकारिणी में युवाओं और महिलाओं को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। पार्टी का फोकस ऐसे नेताओं को आगे बढ़ाने पर नजर आ रहा है, जिन्होंने संगठन और जमीन पर सक्रिय होकर काम किया है। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह बदलाव LJP (रामविलास) की चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। इससे पहले पार्टी ने ओडिशा में जितेंद्र कुमार गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष और मध्य उत्तर प्रदेश में राजीव पासी को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। अब राष्ट्रीय कार्यकारिणी में हुए बदलाव के बाद पार्टी की नजर संगठन के विस्तार और चुनावी राज्यों में अपनी सक्रियता बढ़ाने पर होगी।




