द लोकतंत्र/ लुधियाना/ टिंकू भाटिया : BJP पार्षद रोहित सिक्का के खिलाफ बिजली चोरी के आरोप में बिजली विभाग की कार्रवाई सामने आई है। विभाग की ओर से मामले में 1.29 लाख रुपये का जुर्माना और 40 हजार रुपये कंपाउंडिंग चार्ज, यानी कुल 1.69 लाख रुपये की कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, रोहित सिक्का ने कार्रवाई को राजनीतिक रंजिश से प्रेरित बताते हुए आरोप लगाया है कि विरोधी दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सिक्का के मुताबिक, जिस बिजली मीटर को लेकर कार्रवाई की गई है, वह उनके नाम पर नहीं है और संबंधित प्रॉपर्टी के रिकॉर्ड में भी उनका नाम दर्ज नहीं है। उन्होंने दावा किया कि वह केवल लोगों की समस्याएं सुनने के लिए उक्त कार्यालय में करीब दो घंटे बैठते हैं। ऐसे में सिर्फ वहां मौजूद रहने के आधार पर बिजली चोरी का मामला बनाना उचित नहीं है।
रोहित सिक्का बोले- राजनीतिक रंजिश के चलते की गई कार्रवाई
रोहित सिक्का ने बताया कि उनके खिलाफ मामला 21 अगस्त को दर्ज किया गया था। उनका दावा है कि 24 अगस्त तक विभाग की ओर से लगाए गए जुर्माने की राशि जमा कर दी गई, लेकिन इसके बावजूद उन्हें जमानत लेने में कथित तौर पर परेशानी का सामना करना पड़ा।
भाजपा पार्षद ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई आगामी F&CC चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से की गई है। उनका कहना है कि उन्हें दबाव में लाने की कोशिश की जा रही है, ताकि वे चुनाव में अपनी भूमिका नहीं निभा सकें। सिक्का ने सरकार और बिजली विभाग पर विरोधी दल के नेताओं को डराने तथा सरकारी तंत्र का कथित तौर पर राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बिजली चोरी का आरोप उनके नाम से जुड़ा नहीं है तो उनके खिलाफ की गई कार्रवाई पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
बिजली विभाग का पक्ष सामने आना बाकी
मामले में रोहित सिक्का की ओर से लगाए गए राजनीतिक रंजिश के आरोपों पर बिजली विभाग का विस्तृत पक्ष अभी सामने नहीं आया है। विभाग ने किस आधार पर बिजली चोरी की कार्रवाई की और संबंधित मीटर तथा परिसर से सिक्का का क्या संबंध माना गया, इस पर आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है। ऐसे में फिलहाल मामले में एक पक्ष की ओर से बिजली चोरी की कार्रवाई और दूसरे पक्ष की ओर से राजनीतिक प्रतिशोध के आरोप सामने आए हैं। बिजली विभाग के रिकॉर्ड और आधिकारिक जांच के आधार पर ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




