द लोकतंत्र/ लुधियाना/ टिंकू भाटिया : Ludhiana नगर निगम हाउस में मंगलवार को फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी (F&CC) के दो सदस्यों के चुनाव को लेकर जमकर हंगामा हुआ। गुरुनानक देव भवन में मेयर इंदरजीत कौर की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्षी पार्षदों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि हाथापाई की नौबत आ गई। पुलिस और अन्य पार्षदों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला। हंगामे के चलते बैठक करीब 15 मिनट तक स्थगित भी करनी पड़ी।
विवाद के बीच अब F&CC के दोनों सदस्यों का चुनाव 29 अगस्त को कराने का फैसला लिया गया है। हालांकि मतदान की प्रक्रिया, विधायकों के वोट देने और चुनाव अधिकारी की भूमिका को लेकर अभी भी कई सवाल बने हुए हैं।
विधायक की टिप्पणी के बाद बढ़ा विवाद, बैलेट पेपर की मांग
बैठक के दौरान कांग्रेस और भाजपा पार्षद अपनी बात रख रहे थे। इसी बीच विधायक दलजीत सिंह ग्रेवाल भोला के बोलने पर विवाद शुरू हुआ। भाजपा पार्षद मुकेश खत्री को लेकर की गई टिप्पणी के बाद दोनों पक्षों में बहस बढ़ गई। इसके बाद विधायक के भाई पार्षद सुखमेल सिंह और उनके पूर्व पीए रहे पार्षद अश्वनी शर्मा भी भाजपा पार्षदों के खेमे में पहुंच गए। देखते ही देखते धक्का-मुक्की शुरू हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति बिगड़ने पर मेयर ने बैठक स्थगित कर दी। बैठक दोबारा शुरू होने के बाद भाजपा और कांग्रेस पार्षदों ने हाथ खड़े करवाकर मतदान कराने के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की। मेयर ने उम्मीदवारों को मंगलवार शाम 5 बजे तक नामांकन दाखिल करने के निर्देश दिए। 28 अगस्त तक नाम वापस लिए जा सकेंगे और 29 अगस्त को दोबारा बैठक बुलाकर चुनाव कराया जाएगा। विपक्षी पार्षदों का कहना है कि हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार चुनाव 25 अगस्त को ही होना चाहिए था। कांग्रेस पार्षद गौरव भट्टी ने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन हुआ तो वह दोबारा हाईकोर्ट का रुख करेंगे।
45 पार्षदों ने मांगा सीक्रेट बैलेट, AAP में भी नाराजगी
F&CC चुनाव को लेकर कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल के 45 पार्षदों ने मेयर को संयुक्त ज्ञापन सौंपकर सीक्रेट बैलेट, मतदान और मतगणना की वीडियोग्राफी तथा सभी पात्र पार्षदों को समय पर नोटिस जारी करने की मांग की है। वहीं, विधायकों के मतदान को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। विपक्ष का कहना है कि म्यूनिसिपल एक्ट में विधायकों के वोट देने का प्रावधान नहीं है, जबकि बैठक में पुराने उदाहरण का हवाला दिया गया। अंतिम निर्णय 29 अगस्त के चुनाव के दौरान स्पष्ट होने की संभावना है।
निगम हाउस में AAP के 49, कांग्रेस के 25 और भाजपा के 18 पार्षद बताए गए हैं। अकाली दल के दो और एक निर्दलीय पार्षद भी हैं। AAP की ओर से अमन बग्गा और युवराज सिद्धू को उम्मीदवार बनाए जाने की तैयारी है, जबकि कांग्रेस की ओर से गौरव भट्टी और भाजपा की ओर से रूचि गुलाटी मैदान में हैं। AAP के भीतर भी कुछ पार्षदों की नाराजगी की चर्चा है, जिससे चुनाव का गणित दिलचस्प हो गया है।
F&CC को नगर निगम की महत्वपूर्ण कमेटियों में माना जाता है। शहर के विकास कार्यों, टेंडर, वित्तीय मामलों और बड़े कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े फैसलों में इसकी अहम भूमिका रहती है। ऐसे में दो सदस्यों का चुनाव सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




