द लोकतंत्र/ देवरिया : राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर SBIF ACE Academy की ओर से अकादमी में प्रवेश के लिए विशेष चयन ट्रायल आयोजित किए गए। इस ट्रायल का मुख्य उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद युवा तीरंदाजी प्रतिभाओं की पहचान करना और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण एवं सुविधाओं के जरिए भविष्य के बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों के लिए तैयार करना है।
अकादमी का लक्ष्य ऐसे होनहार तीरंदाजों को तैयार करना है, जो आने वाले समय में कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक खेलों 2032 एवं 2036 में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें। राष्ट्रीय खेल दिवस पर आयोजित इस चयन प्रक्रिया में विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन किया।
इन ट्रायल्स में 10 राज्यों के 100 से अधिक प्रतिभाशाली तीरंदाजों ने हिस्सा लिया। इनमें हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, केरल, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और बिहार के खिलाड़ी शामिल रहे। अलग-अलग राज्यों से खिलाड़ियों की भागीदारी इस बात को दर्शाती है कि देश में तीरंदाजी को लेकर युवाओं के बीच रुचि लगातार बढ़ रही है।
ग्रामीण प्रतिभाओं की पहचान से ओलंपिक तक का लक्ष्य
SBIF ACE Academy की पहल का फोकस केवल खिलाड़ियों का चयन करने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को कम उम्र में पहचानकर उन्हें लंबे समय तक बेहतर प्रशिक्षण और जरूरी खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यह पहल भारत सरकार के हाल ही में शुरू किए गए ‘खेलो इंडिया 2026’ कार्यक्रम की भावना के अनुरूप बताई गई है। कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और अंडर-10 से अंडर-17 आयु वर्ग तक एक मजबूत प्रतिभा विकास श्रृंखला तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
अकादमी का मानना है कि देश के गांवों और छोटे शहरों में बड़ी संख्या में ऐसी प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही मंच और मार्गदर्शन मिलने की जरूरत है। इसी सोच के साथ खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाओं पर जोर
अकादमी का लक्ष्य युवा खिलाड़ियों को केवल प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें लंबे समय तक व्यवस्थित तरीके से विकसित करना है। इसके तहत प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, खेल सुविधाएं और आवश्यक मार्गदर्शन देने पर जोर दिया जा रहा है। SBIF ACE Academy की इस पहल का व्यापक उद्देश्य ‘गांव-गांव तक खेल पहुंचाना’, कम उम्र में प्रतिभाओं की पहचान करना और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।
आयोजकों का संदेश स्पष्ट है कि यदि ग्रामीण भारत की प्रतिभाओं को सही अवसर, प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलें तो वे भविष्य में देश के लिए बड़े मंचों पर पदक जीत सकती हैं। ग्रामीण भारत की प्रतिभा से ओलंपिक पदक तक का सफर अवसर मिलने पर सपनों को हकीकत में बदल सकता है।




