द लोकतंत्र/ देवरिया/ प्रभाष विश्वकर्मा : उत्तर प्रदेश के Deoria जिले में एक निजी स्कूल के खेल मैदान में शुक्रवार को दर्दनाक घटना सामने आई। गेम पीरियड के दौरान खेल रहे 11वीं कक्षा के 16 वर्षीय छात्र की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। छात्र के अचानक मैदान में गिरने से स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद साथी छात्रों और स्कूल स्टाफ में भी चिंता का माहौल बन गया।
मृतक छात्र की पहचान आयुष कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। छात्र की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई।
खेलते समय अचानक मैदान में गिरा छात्र
जानकारी के अनुसार, देवरिया के सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र में स्थित एक निजी स्कूल में गेम पीरियड चल रहा था। इस दौरान आयुष कुमार अन्य छात्रों के साथ खेल रहा था। खेलते-खेलते वह अचानक जमीन पर गिर पड़ा। छात्र को गिरता देख उसके साथियों ने शोर मचाया, जिसके बाद स्कूल स्टाफ तुरंत खेल मैदान में पहुंचा।
स्कूल कर्मचारियों ने बिना देरी किए छात्र को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), सलेमपुर ले जाने की व्यवस्था की। इस दौरान छात्र की हालत गंभीर बताई जा रही थी। स्कूल परिसर में घटना की जानकारी फैलते ही छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के बीच हड़कंप मच गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने छात्र की जांच की, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों ने आयुष को मृत घोषित कर दिया। छात्र की अचानक मौत से स्कूल प्रबंधन, शिक्षक और सहपाठी स्तब्ध रह गए।
इकलौते बेटे की मौत से परिवार में मचा कोहराम
घटना की जानकारी मिलने के बाद छात्र के परिजन तत्काल अस्पताल पहुंचे। बेटे की मौत की खबर सुनते ही माता-पिता बेसुध हो गए। बताया जा रहा है कि आयुष अपने परिवार का इकलौता बेटा था, ऐसे में उसकी मौत ने परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है।
फिलहाल छात्र की मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद हुई इस मौत को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। चिकित्सकीय जांच और अन्य आवश्यक प्रक्रिया के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
इस घटना ने स्कूलों में खेल गतिविधियों के दौरान छात्रों की स्वास्थ्य निगरानी, प्राथमिक उपचार और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है। हालांकि, इस मामले में छात्र की मौत का सटीक कारण आधिकारिक जांच या चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।




