द लोकतंत्र/ अयोध्या : अयोध्या स्थित Ram Mandir में चढ़ावे और श्रद्धालुओं की ओर से अर्पित की जाने वाली सामग्री से जुड़े कथित चोरी के मामले की जांच अब अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। मामले की सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट को जांच की प्रगति की जानकारी दी गई। सरकार ने बताया कि विशेष जांच दल (SIT) ने CCTV फुटेज समेत विभिन्न साक्ष्यों का परीक्षण किया है। जांच में मंदिर परिसर से जुड़ी 105 कथित चोरी की घटनाओं का उल्लेख सामने आया है।
सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई जानकारी के मुताबिक, जांच टीम ने CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल की है। सरकार की ओर से अदालत को यह भी बताया गया कि जांच पूरी होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी है।
25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी
सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि SIT की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल किए जाने की उम्मीद है। मामले में कुछ आरोपियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी अदालत के समक्ष रखी गई।
जांच के दौरान मंदिर में चढ़ावे और श्रद्धालुओं की ओर से जमा की गई वस्तुओं से संबंधित रिकॉर्ड तथा CCTV फुटेज को भी खंगाला गया है। अधिकारियों के अनुसार, कथित घटनाओं की पहचान के लिए उपलब्ध वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया।
मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई चार्जशीट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर संबंधित अदालत की प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगी। फिलहाल जांच में सामने आए आरोपों को अदालत की अंतिम पुष्टि नहीं माना जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने SIT रिपोर्ट की कॉपी देने से किया इनकार
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से SIT की रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रिपोर्ट की कॉपी देने से इनकार कर दिया। अदालत ने संकेत दिया कि मामले को संबंधित सत्र न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ने दिया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के सामने यह भी जानकारी आई कि मंदिर में मूल्यवान वस्तुओं के लिए सॉफ्टवेयर के माध्यम से रसीद तैयार की जाती है और ऐसी वस्तुओं को बैंक लॉकर में सुरक्षित रखा जाता है। जांच में CCTV फुटेज के अलावा गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजों को भी आधार बनाया गया है। अब पूरे मामले में अगला महत्वपूर्ण चरण 25 सितंबर तक प्रस्तावित चार्जशीट और उसके बाद होने वाली न्यायिक प्रक्रिया होगी। SIT की जांच में सामने आए तथ्यों और अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।




