द लोकतंत्र/मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग को लेकर सोमवार को मेरठ में अधिवक्ताओं और पुलिस-प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। CM Yogi आदित्यनाथ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के कार्यक्रम में मुलाकात करने जा रहे अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल की बस को पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद वकील नाराज हो गए और मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
CM Yogi से मिलने के लिए भड़के अधिवक्ता
CM Yogi आदित्यनाथ और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन सोमवार को मेरठ के सुभारती विश्वविद्यालय में कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात करने के लिए रवाना हो रहा था।
अधिवक्ताओं के बस में सवार होते ही पुलिस ने बस को घेर लिया और उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इससे वकीलों का गुस्सा बढ़ गया। पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच तीखी कहासुनी हुई। बाद में पुलिस-प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
कमिश्नरी की ओर बढ़े वकील
बस रोके जाने के बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता कमिश्नरी की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक और बढ़ गई। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अधिवक्ताओं से बातचीत की और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
अधिवक्ताओं का कहना था कि वे अपनी लंबे समय से चली आ रही हाईकोर्ट बेंच की मांग को सीधे CM Yogi आदित्यनाथ के सामने रखना चाहते हैं। उनका सवाल था कि जब वे शांतिपूर्ण तरीके से मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए जा रहे हैं तो उन्हें रोका क्यों जा रहा है।
CM Yogi से मुलाकात का मिला आश्वासन
विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन की ओर से अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया गया कि उनके प्रतिनिधिमंडल की CM Yogi आदित्यनाथ से मुलाकात कराई जाएगी। इसके बाद अधिवक्ताओं ने फिलहाल अपना विरोध रोक दिया।
यह पहली बार नहीं है जब हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर पश्चिमी यूपी के अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बनी हो। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर अधिवक्ता लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं।
पहले भी CM Yogi से मिल चुके हैं अधिवक्ता
अगस्त 2025 में भी CM Yogi आदित्यनाथ ने मेरठ में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। उस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा था कि उन्हें इस मांग को लेकर चल रहे लंबे आंदोलन की जानकारी है और वह केंद्रीय कानून मंत्री से इस विषय पर बातचीत करेंगे।
पश्चिमी यूपी में क्यों उठ रही हाईकोर्ट बेंच की मांग?
अधिवक्ताओं का तर्क है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायिक कार्य के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इसी वजह से मेरठ में हाईकोर्ट की खंडपीठ स्थापित करने की मांग लंबे समय से उठती रही है। वहीं, सोमवार को CM Yogi आदित्यनाथ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मेरठ दौरे के बीच यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया। नितिन नवीन का यह दौरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा के संगठनात्मक कार्यक्रमों और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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