द लोकतंत्र/ रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai मंगलवार को राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित तीज मिलन समारोह में शामिल हुए। पारंपरिक उत्साह और आत्मीय माहौल के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में मौजूद माताओं-बहनों से मुलाकात की और उन्हें तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीज केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सामाजिक और पारिवारिक परंपराओं से गहराई से जुड़ा उत्सव है। भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना से जुड़े इस पर्व पर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है। उन्होंने प्रदेश की सभी महिलाओं और उनके परिवारों के स्वस्थ, सुखी एवं समृद्ध जीवन के लिए प्रार्थना की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री निवास में भी तीज के अवसर पर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से आई बहनों के साथ पर्व की खुशियां साझा करने का अवसर मिला था। उनके अनुसार, ऐसे आयोजन पारिवारिक रिश्तों और सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करने के साथ छत्तीसगढ़ की परंपराओं को आगे बढ़ाने का माध्यम भी बनते हैं।
सीएम Vishnu Deo Sai बोले- महिला सशक्तिकरण पर सरकार का जोर, महतारी वंदन योजना का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय परंपरा में महिलाओं के सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि नारी को परिवार की पहली शिक्षक और संस्कारों की आधारशिला माना गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की मेहनत, त्याग और योगदान से परिवार मजबूत होता है और मजबूत परिवार से समाज तथा प्रदेश के विकास को गति मिलती है।
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। उनके मुताबिक, योजना के तहत 68 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने एक हजार रुपये की राशि सीधे भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब तक 31 किस्तों के जरिए 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि लाभार्थियों तक पहुंचाई जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि इस आर्थिक सहायता का उपयोग महिलाएं घरेलू जरूरतों के अलावा बच्चों की शिक्षा, बचत और छोटे स्वरोजगार के लिए भी कर रही हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, महिला सशक्तिकरण का लक्ष्य केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को स्थायी आजीविका और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। सीएम साय ने बताया कि प्रदेश में 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न आर्थिक गतिविधियों और छोटे व्यवसायों के जरिए परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दे रही हैं।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति और विकास को लेकर भी CM Vishnu Deo Sai ने रखी बात
तीज मिलन समारोह में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की लोककला, संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत उसकी विशिष्ट पहचान है और इसे नई पीढ़ी के साथ देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए प्रयास जारी हैं।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए करीब 650 करोड़ रुपये की लागत से फिल्म सिटी विकसित की जा रही है। इससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार तथा प्रतिभा प्रदर्शन के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। उन्होंने लोक कलाकारों के योगदान की भी सराहना की और कहा कि वे प्रदेश की संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के बुनियादी ढांचे और जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवासों की स्वीकृति और प्रतिदिन करीब 1,600 आवासों के निर्माण की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं।
उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास से जुड़े प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि शांति और विश्वास के वातावरण में विकास के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों, कृषि, वन संपदा और खनिजों का बेहतर उपयोग करते हुए छत्तीसगढ़ को विकास की नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है। समारोह में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने भी माताओं-बहनों का स्वागत किया और छत्तीसगढ़ी लोकगीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की लोक कला और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना भी की।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ केश शिल्पी विकास बोर्ड के अध्यक्ष गौरी शंकर श्रीवास, चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, विधायक रोहित साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, वीणा सिंह समेत बड़ी संख्या में महिलाएं, कलाकार और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।




