बिहार से बह रही ‘अश्लीलता के बयार’ से ध्वस्त हो रहा है ‘भोजपुरी’ का लोक व्यवहार
द लोकतंत्र/ उमा पाठक : भोजपुरी भाषा, जो अपने शुद्ध, सरल और काव्यात्मक स्वरूप के लिए जानी जाती थी, मौजूदा दौर में एक गहरे संकट का सामना कर रही है। दरअसल, बिहार से बह रही ‘अश्लीलता की बयार’ ने भोजपुरी जैसी मिठास से भरी भाषा जो अपनी गोद में प्रेम, समर्पण, सामाजिक समरसता, संस्कृति और […]








