द लोकतंत्र/ लखनऊ : उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने अपनी चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए पार्टी ने बूथ से लेकर जिला स्तर तक निगरानी और समीक्षा की व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया है। इसी रणनीति के तहत 10 बूथों को मिलाकर एक सेक्टर बनाने का फैसला लिया गया है।
पार्टी की अहम बैठक में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के साथ संभावित प्रत्याशियों को लेकर भी मंथन किया गया। तय योजना के मुताबिक प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी सेक्टर अध्यक्ष को दी जाएगी। सेक्टर अध्यक्ष अपने अधीन आने वाले 10 बूथों पर पार्टी की गतिविधियों और संगठन की स्थिति की निगरानी करेगा। इसके बाद वह अपनी रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष को सौंपेगा।
बूथ से जिला स्तर तक संगठन की होगी निगरानी, युवाओं पर फोकस
बसपा की नई रणनीति में बूथ स्तर के संगठन को खास महत्व दिया गया है। सेक्टर अध्यक्ष की रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष तक पहुंचेगी और विधानसभा अध्यक्ष इसे जिला अध्यक्ष को भेजेंगे। इस तरह पार्टी बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक संगठन की गतिविधियों और तैयारियों की नियमित समीक्षा करने की कोशिश करेगी। बैठक में संगठन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। पार्टी की कमेटियों में 50 प्रतिशत युवाओं को जगह देने की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि बसपा इस कदम के जरिए युवा कार्यकर्ताओं को संगठन में ज्यादा जिम्मेदारी देने के साथ-साथ युवा मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
इसके अलावा बैठक में विधानसभा चुनाव के संभावित प्रत्याशियों पर भी चर्चा हुई। जिला अध्यक्षों और कोऑर्डिनेटरों को अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत और जीतने की क्षमता रखने वाले संभावित उम्मीदवारों की रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। यह रिपोर्ट पार्टी सुप्रीमो मायावती को सौंपी जाएगी, जिसके बाद प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
प्रिंस यूकेश की मौजूदगी से सियासी चर्चाएं तेज
बैठक में स्वर्गीय विधायक उमाशंकर सिंह के बेटे प्रिंस यूकेश की मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। बताया गया कि बसपा ने बैठक में संभावित प्रत्याशियों को आमंत्रित किया था। ऐसे में प्रिंस यूकेश का बैठक में शामिल होना 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। उनकी मौजूदगी के बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि बसपा उन्हें संभावित उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतार सकती है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक उनके नाम को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
कुल मिलाकर बसपा की बैठक से साफ संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपने संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने की रणनीति पर काम कर रही है। 10 बूथ पर एक सेक्टर, कमेटियों में 50 फीसदी युवाओं की भागीदारी और संभावित प्रत्याशियों की रिपोर्ट तैयार करने जैसे फैसले पार्टी की चुनावी तैयारियों के अहम हिस्से माने जा रहे हैं।




